भोपाल: राजधानी की सड़कों पर तेज रफ्तार स्पोर्ट्स बाइक से घूमने वाला एक ऐसा गिरोह सक्रिय था, जो राह चलते लोगों को निशाना बनाकर कुछ ही सेकंड में उनका मोबाइल छीन लेता था। विरोध करने पर चाकू दिखाकर लूट को अंजाम दिया जाता था। अयोध्यानगर पुलिस की कार्रवाई में इस गैंग के काम करने के पूरे तरीके का खुलासा हुआ है।गैंग ने वारदात के लिए एक तय सिस्टम बना रखा था। शाम 7 बजे से रात 10 बजे के बीच आरोपी सड़कों पर निकलते थे। उनकी नजर ऐसे लोगों पर होती थी जो चलते समय मोबाइल पर बात कर रहे हों। एक बाइक से आरोपी मोबाइल झपटते थे, जबकि दूसरी बाइक पर मौजूद साथी बैकअप देते थे ताकि विरोध या पीछा होने पर वे आसानी से भाग सकें।
गिरोह ने पहचान छिपाने के लिए बाइक की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थीं। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद लूटे गए मोबाइल सीधे मुख्य सरगना सबदर ईरानी तक पहुंचाए जाते थे। वह मोबाइल बेचने का काम संभालता था और हर मोबाइल से तय रकम अपने पास रखकर बाकी पैसा गैंग के सदस्यों में बांट देता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह ने अयोध्यानगर समेत शहर के कई थाना क्षेत्रों में 12 वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपियों के कब्जे से 22 मोबाइल फोन, चार बाइक और वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया है। जब्त सामान की कीमत करीब 11 लाख रुपये बताई गई है।इस गैंग की खास बात यह थी कि अपराध के लिए चोरी की बाइक और महंगी स्पोर्ट्स बाइक दोनों का इस्तेमाल किया जाता था।
बरामद आर-15 और होंडा शाइन बाइक में से एक चोरी की निकली है।पुलिस ने चार आरोपियों साहिल खान, फैजान पठान, समीर अंसारी और तालिब खान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गैंग का कथित मास्टरमाइंड सबदर ईरानी और उसका साथी शाहरुख अभी फरार हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी के मोबाइल कहां खपाए जाते थे और इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हैं।
