इंदौर: शहर में भिक्षुक मुक्त अभियान का काम करने वाले एनजीओ प्रवेश का भुगतान नगर निगम ने नहीं किया. इसके बाद आज जन सुनवाई में संचालिका कमिश्नर के सामने भड़क उठी और कई सवाल निगम के संबंधित अधिकारियों पर खड़े किए.निगम जनसुनवाई में आज प्रवेश एनजीओ के कार्यकर्ता प्रदर्शन करने निगम परिसर पहुंचे थे. प्रवेश एनजीओ को संचालिका रूपाली जैन सभी कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन करने पहुंची.
जन सुनवाई में आयुक्त शिवम वर्मा को एनजीओ संचालिका जैन बताया कि तीन साल से भुगतान नहीं किया जा रहा है. सारे दस्तावेज निगम को बैंक सहित जमा करा दिए है, लेकिन भुगतान नहीं किया गया. बेवजह अधिकारी एक ही दस्तावेज बार बार मांग रहे है, जबकि पत्र के अनुसार दस्तावेज दे चुकी हूं. बातचीत के दौरान भुगतान नहीं करने को लेकर एनजीओ संचालिका रूपाली जैन बिफर पड़ी और निगम के संबंधित अधिकारियों पर कई सवाल खड़े किए.
तुरंत दिए दस्तावेज
कमिश्नर शिवम वर्मा ने मामले को तुरंत हल करने को लिए संचालिका से दस्तावेज देने का कहा. साथ ही आश्वस्त किया कि आज दस्तावेज दोगे तो आज ही निदान कर देंगे. इसके बाद संचालिका ने पूरी फाइल आयुक्त के सामने रख दी और बताया कि कितनी बार और कब दस्तावेज दिए.
बताया जाता है कि करीब 30 लाख रुपए का भुगतान नगर निगम ने उक्त एनजीओ का रोक रखा है. एनजीओ कार्य करने वाले कर्मचारियों का वेतन नहीं बंट पा रहा है. एनजीओ की उक्त समस्या 2022 से निरंतर बनी हुई है.
