लंदन/काबुल, 17 जुलाई (वार्ता) ब्रिटेन में एक महत्वपूर्ण सूचना के लीक हो जाने से सरकार की गोपनीय योजना का खुलासा हुआ है जिसके तहत देश में रह रहे 33 हजार से ज़्यादा अफ़ग़ान नागरिकों को वापस भेजा जाना है।
हालाँकि इस प्रस्ताव की ज़्यादातर प्रक्रियाएँ अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं लेकिन टोलो न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार इस पर देश में सामाजिक समूहों और राजनीतिक विपक्ष दोनों के कारण भारी विवाद छिड़ गया है।
ब्रिटिश मीडिया के अनुसार इस योजना में उन अफ़ग़ानों को स्थानांतरित करना शामिल है जिन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में शाही सेना के साथ सहयोग किया था। इन लोगों को तालिबान प्रशासन द्वारा प्रतिशोध लिये जाने का खतरा है।
यह योजना फरवरी 2022 में लगभग 19 हजार अफगान आवेदकों के व्यक्तिगत विवरणों के आकस्मिक रूप से लीक होने के बाद शुरू की गई थी। लीक हुयी जानकारी में ‘अफगान पुनर्वास और सहायता कार्यक्रम’ (एआरएपी) के लिए आवेदन करने वालों के नाम और संपर्क जानकारी शामिल थी। इसने ब्रिटेन सरकार पर कार्रवाई करने का दबाव डाला।
ब्रिटेन में विपक्षी समूहों ने इस योजना की निंदा की है और इसकी पारदर्शिता की कमी और करदाताओं द्वारा वहन की जाने वाली उच्च वित्तीय लागतों की आलोचना की है, खासकर ऐसे समय में जब देश तीव्र आर्थिक गिरावट, उच्च मुद्रास्फीति और जीवन-यापन की लागत के संकट से जूझ रहा है।
संवेदनशील जानकारी के लीक होने के लिए प्रशासन की और भी आलोचना हो रही है, लोग सरकार की जवाबदेही और संवेदनशील माने जाने वाले डेटा के प्रबंधन पर सवाल उठा रहे हैं।
