
चकाचक बने जी एस कालेज में सफाई व्यवस्था कमजोर
जबलपुर, नवभारत। जीएस अर्थ एवं वाणिज्य महाविद्यालय के हाल वैसे तो देखने में ठीक ठाक नजर आ रहे है। लेकिन महाविद्यालय में बने टॉयलेट पान गुटके की पीक से पट गए हैं। जो शानदार बने इस महाविद्यालय पर एक बदनुमा दाग की तरह नजर आ रहा है। शुक्रवार को जब महाविद्यालय की व्यवस्थाओं की पड़ताल की गई तो उसमें कुछ चीजें अपनी जगह पर नहीं मिली। एक ओर जहां महाविद्यालय का भवन मरम्मत होने के बाद चमचमा रहा था तो वहीं यहां के टॉयलेट साफ सफाई में थोड़े पीछे नजर आए। महाविद्यालय की बिल्डिंग पुरानी जरूर है लेकिन कही से भी क्षतिग्रस्त नहीं है। वहीं दूसरी ओर महाविद्यालय के पास बड़ी जगह होने के बावजूद विद्यार्थियों की कारे सड़कों पर खड़ी हो रही है। वही मुख्य द्वार पर सिक्योरिटी गार्ड तो तैनात किया गया है, लेकिन महाविद्यालय परिसर में आने वाले लोगों से कोई पूछताछ नहीं की जाती है। कोई भी मनमर्जी से कॉलेज परिसर में आसानी से प्रवेश कर जाता है।
टॉयलेट में सफाई जरूरी
जीएस महाविद्यालय में प्राध्यापिकाओं के शौचालय की हालत तो ठीक ठाक है परंतु विद्यार्थियों के टॉयलेट पान गुटके की पीक से पटे हुए हैं। बाथरूमों में बाकायदा वाश बेसिन और नल लगे हुए हैं, जिसमें पानी भी आ रहा था। स्टूडेंट्स गंदा बाथरूम उपयोग करने के लिए मजबूर हैं क्योंकि जानकारों कि माने तो इसे पान गुटके से पटाने वाले और कोई नहीं बल्कि विद्यार्थी ही है। महाविद्यालय ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए बताया कि टॉयलेट की सफाई फिर से कराई जाएगी।
नो पार्किंग में हो रही पार्किंग
महाविद्यालय के पास बड़ा कैंपस होने के बावजूद यहां बी. एड, बी कॉम, एलएलबी, बीए एलएलबी की परीक्षा देने आए छात्रों की गाड़ियां मुख्य सड़क पर खड़ी करवाई जा रही है। हद तो तब हो गई जब यह गाड़ियां महाविद्यालय के बाहर लगे नो पार्किंग बोर्ड के सामने ही पार्क की जा रही है।
