
ग्वालियर। गुरुवार को एक चीता के चहलकदमी वाली वीडियो ने स्थानीय क्षेत्रवासियों और वन विभाग में हड़कंप मचा दिया। दिनभर चीता की पुष्टि करने के लिए वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी आसपास सर्चिंग में जुटे रहे। तो वही क्षेत्र में पूछताछ की गई। जब मंदिर प्रबंधन से बात की और वायरल वीडियो से मंदिर के दिनों से मिलान किया गया तो पता चला कि यह वीडियो फेक है और कहीं की वीडियो को गुप्तेश्वर महादेव मंदिर ग्वालियर से जोड़ दिया है। असल में गुरुवार की सुबह से एक वीडियो वायरल हो रही थी। जिसमें बताया जा रहा था कि ग्वालियर शहर के गोल पहाड़िया स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध मंदिर गुप्तेश्वर महादेव मंदिर की सीढ़िया पर तेंदुआ या चीता दिखाई दिया है। बस इतना सा वीडियो देखते ही गोल पहाड़िया एवं आसपास क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा हो गया। उल्लेखनीय है कि इस समय श्रावण का महीना चल रहा है और भगवान भोलेनाथ के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की खूब भीड़ पहुंच रही है। ग्वालियर के कुछ प्रसिद्ध एवं प्राचीन शिव मंदिर जिसमें गुप्तेश्वर महादेव मंदिर भी आता है जब श्रद्धालुओं में यह संदेश पहुंचा कि गोल पहाड़ियां स्थित गुप्तेश्वर महादेव मंदिर के आसपास चीता या तेंदुआ घूम रहा है तो लोग दहशत में आ गए। जब यह वीडियो वन अधिकारियों तक पहुंचा तो ग्वालियर डीएफओ अंकित पांडे के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सुखदेव शर्मा एवं डिप्टी रेंजर कालीचरण चतुर्वेदी एवं ग्वालियर आरए रामअवतार शर्मा सहित मैदानी वन अमला लेकर मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की तो जांच पड़ताल में पता चला कि वायरल वीडियो ग्वालियर से संबंधित नहीं है।
