कैदियों ने जेल के सरकारी बैंक खाते से की साइबर ठगी, उड़ा दिए 52 लाख….का मैसेज फर्जी वायरल

सतना:फेसबुक सोशल मीडिया रील प्लेटफार्म में मिस्टर फैक्टिशियन नाम की आईडी से एक फर्जी मैसेज चला, जिसमें उल्लेख किया गया कि कैदियों से अब जेल भी सुरक्षित नहीं है, मध्य प्रदेश की सतना जेल में हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहां बंद कैदियों ने जेल के सरकारी बैंक खाते से साइबर ठगी कर 52 लाख उड़ा दिए। इस रकम से एक कैदी ने 25 लाख मे बहन की शादी कराई, 3.75 लाख की बुलेट खरीदी और बाकी रकम जमानत व जेल खर्चो में उड़ाई।

जैसे ही यह मामला केन्द्रीय जेल प्रशासन के संज्ञान में आया तो प्रशासन के होश पाख्ता हो गए। लेकिन जब पूरी से पड़ताल की गई तो पता लगा कि सतना जेल में इस तरह को कोई मामला नहीं हुआ है। लिहाजा जेल अधीक्षक लीना कोष्टा ने मामले को संजीदगी से लेते हुए सीएसपी को लिखित शिकायत पत्र भेजते हुए जांच करने का आग्रह किया है। वहीं पुलिस भी इसे संज्ञान लेते हुए साइबर सेल के जरिए यह मैसेज लिखने और सोशल मीडिया में अपलोड करने वाले की खोज में जुट गया है।
असल में आजमगढ़ में हुआ था मामला
दरअसल उत्तर प्रदेश के कुछ दिनों पूर्व आजमगढ़ की जेल में कैदियों ने सरकारी खाते से लाखों रुपये उड़ा दिए और किसी को भनक तक नहीं लगी, कैदियों ने जेल के अकाउंट ऑफिस के असिस्टेंट और गार्ड के साथ मिलकर पूरी गोलमाल की। इसके बाद जेल अधीक्षक आदित्य कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। जांच में पता चला कि जेल से छूटे कैदी रामजीत यादव और शिवशंकर यादव ने जेल के अकाउंट ऑफिस में तैनात असिस्टेंट मुशीर अहमद और गार्ड अवधेश कुमार के साथ मिलकर पूरा फर्जीवाड़ा किया था।

कैदी रामजीत यादव को मुशीर अहमद के रिकॉर्डर के रूप में रखा गया था, कैदी शिव शंकर यादव भी वहीं काम करता था। इसके बाद उन्होंने मुशीर और अवधेश के साथ मिलकर जेल अधीक्षक के सरकारी खातों के चेकबुक को निकाला. फिर उसमें जेल अधीक्षक की फर्जी साइन बनाकर बैंक से पैसे निकाल लेते थे, और आरोपी पैसे आपस में बांट लेते थे। फिलहाल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अखिर क्या है मैसेज
जेल प्रशासन के पास जबसे यह मामला संज्ञान में आया है तब से अफसर भी अपने स्तर से पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। कि आखिर मैसेज किस फार्मेट में था, जिसमें रील, वीडियो शामिल है। वही इस मामले पर जेल प्रशासन पुलिस प्रशासन को पत्र भेजकर जांच की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस इस तरह का कृत्य करने वाले को कब तक सलाखों के पीछे भेज पाती है।
इनका कहना है
जो मैसेज सोशल मीडिया प्लेटफार्म में अपलोड किया गया है वह पूरी तरह से निराधार और फर्जी है। इस मामले पर सीएसपी से चर्चा की गई है, साथ ही जांच के लिए एसपी को पत्र भेजा गया है।
लीना कोष्टा, जेल अधीक्षक

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