इंदौर: अष्टांग आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर साइबर ठगी का शिकार हो गए. उन्होंने न तो ओटीपी साझा किया और न ही बैंक संबंधी कोई जानकारी दी, फिर भी केवल एक पॉप-अप लिंक पर क्लिक करते ही उनके खाते से बड़ी राशि निकल गई.साइबर ठगी के मामले में यह एक अनोखा मामला बताया जा रहा है.
शहर के अष्टांग आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में पदस्थ एक वरिष्ठ प्रोफेसर के साथ हाईटेक ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है.
डॉक्टर ने किसी अनजान कॉल या व्यक्ति से कोई संपर्क नहीं किया, न ही बैंक से जुड़ी कोई गोपनीय जानकारी साझा की, बावजूद इसके उनके क्रेडिट कार्ड से हजारों रुपये की रकम निकाल ली गई. प्रोफेसर ने पुलिस को बताया कि वे मोबाइल पर एक वेबसाइट देख रहे थे, तभी स्क्रीन पर एक संदिग्ध पॉप-अप आया जिसमें “ओके” और “क्लोज” जैसे विकल्प थे। उन्होंने जैसे ही ‘ओके’ पर क्लिक किया, तत्काल उनके क्रेडिट कार्ड से ट्रांजेक्शन हो गया.
पीड़ित ने घटना की जानकारी बैंक को देने के साथ ही साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह मामला ब्राउज़र या मोबाइल सिस्टम में मालवेयर के ज़रिए रिमोट एक्सेस हासिल कर ठगी करने का हो सकता है. इस मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक शर्मा ने बताया कि “यह एक बेहद संवेदनशील और तकनीकी रूप से एडवांस्ड साइबर फ्रॉड है.
पीड़ित द्वारा कोई क्रेडेंशियल या ओटीपी साझा नहीं किया गया, फिर भी सिर्फ एक पॉप-अप पर क्लिक करने भर से फ्रॉड हो गया. इससे स्पष्ट है कि साइबर ठग अब नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं. हमने जांच टीम गठित कर दी है और पीड़ित के डिवाइस व बैंकिंग डिटेल्स की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है. आमजन से अपील है कि किसी भी संदिग्ध लिंक या पॉप-अप पर क्लिक करने से बचें.” फिलहाल साइबर सेल इस फ्रॉड के पीछे के तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है. आम नागरिकों को इस तरह के साइबर खतरे से सचेत रहने की सलाह दी गई है.
