मेलबर्न, 17 जुलाई (वार्ता) ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन में बड़े पैमाने पर हरित हाइड्रोजन के उत्पादन का संभावित समाधान खोजा गया है जिससे वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में एक प्रमुख बाधा दूर हो गई है।
इस अध्ययन का नेतृत्व कर रहे ऑस्ट्रेलियाई मोनाश विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने गुरुवार को कहा कि सतत हरित हाइड्रोजन उत्पादन में एक बड़ी बाधा को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
मोनाश विश्वविद्यालय के एक बयान के अनुसार, अध्ययन से पता चला है कि इरीडियम की तुलना में कोबाल्ट कहीं अधिक प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है और सस्ता है इसलिए वह प्रमुख हरित हाइड्रोजन उत्पादन उपकरणों में इसका स्थान ले सकता है जिससे बड़े पैमाने पर सतत हाइड्रोजन उत्पादन में मदद मिलेगी। इरीडियम वर्तमान में सबसे उन्नत हाइड्रोजन उत्पादन तकनीक में एक प्रमुख सामग्री है लेकिन इसकी आपूर्ति सीमित और महंगी है।
अध्ययन में शामिल मोनाश पीएचडी के पूर्व छात्र डार्सी सिमोंडसन ने कहा, ‘’कोबाल्ट इरीडियम की तुलना में बहुत सस्ता है लेकिन चुनौती हमेशा से कोबाल्ट आधारित उत्प्रेरकों को इतना स्थिर बनाने की रही है कि वे इन इलेक्ट्रोलाइजरों के अंदर की कठोर परिस्थितियों में भी टिक सकें।’’
पूर्व प्रयासों में कोबाल्ट उत्प्रेरकों के उपयोग में अस्थिरता के कारण बाधा उत्पन्न हुई थी, नए अध्ययन में इसमें सुधार किया गया है, जिसे मोनाश टीम द्वारा जर्मनी, अमेरिका और ब्रिटेन के सहयोगियों के साथ उन्नत स्पेक्ट्रोस्कोपिक, इलेक्ट्रोकेमिकल और कम्प्यूटेशनल विधियों का उपयोग करके तीन वर्षों से अधिक समय तक किया गया।
लंदन स्थित नेचर एनर्जी में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि शोधकर्ताओं ने पाया कि कोबाल्ट एनोड में उत्प्रेरक गतिविधि एवं क्षरण अलग-अलग होती है जिससे स्थिरता खोए बिना बेहतर प्रदर्शन संभव होता है। निष्कर्ष के अनुसार, मजबूत कोबाल्ट उत्प्रेरक सस्ता एवं वृहद् पैमाने पर हाइड्रोजन उत्पादन को सक्षम बना सकते हैं और अन्य उत्प्रेरक प्रौद्योगिकियों को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

