नयी दिल्ली, 11 मार्च (वार्ता) लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के विरोध के बीच सरकार ने आप्रवास और विदेशियों विषयक विधेयक -2025 पुरस्थापित किया। विपक्षी इस विधेयक को संवेदनशील और विदेशियों के लिए बहुत कठोर वाला प्रावधान बताते हुए इसे विचार के लिए दोनों सदनों की संयुक्त समिति को भेजने की मांग कर रहे थे।
प्रश्न काल के बाद पीठ की अनुमति से गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह विधेयक पुरस्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
कांग्रेस के मनीष तिवारी ने इस विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वह इस विधेयक का विरोध करते हैं, गंभीर विषयों से संबंधित इस विधेयक को या तो वापस लिया जाना चाहिये या इसे संयुक्त समिति को भेजा जाना चाहिये।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने भी कहा कि वह इस विधेयक का विरोध करते हैं। इसमें विदेशियों के लिये बहुत कठोर प्रावधान किये गये हैं। श्री राय ने इस मौके पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का सदन में मौजूद नहीं होने का भी मुद्दा उठाया।
इस पर श्री राय ने कहा कि यह विधेयक को लेकर विधायी क्षमता पर सवाल उठाये गये हैं। उन्होंने कहा कि यह विधेयक विधायी क्षमता के अनुरूप है। यह विधेयक भारत के संविधान के प्रावधानों के तहत है।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसी विदेशी को रोकने के लिये नहीं लाया जा रहा है। यह विधेयक देश के कानूनों की अनुपालना कराने के लिये लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, उन्नति, संप्रभुता और खयाल रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस विधेयक को पुरस्थापित करने के प्रस्ताव पर सदन की राय मांगी और सदन ने ध्वनिमत से पुरस्थापित करने की अनुमति दी।