जबलपुर: हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल तथा जस्टिस ए के सिंह की युगलपीठ ने दायर अपील की सुनवाई करते हुए पाया कि पूर्व सरपंच के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से दूसरे पूर्व सरपंच ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पीडित तथा उसकी मां ने दूसरे पूर्व सरपंच के बताये अनुसार बयान दिए थे। युगलपीठ ने उक्त आदेश के साथ जिला न्यायालय द्वारा पास्को एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत दंडित किये जाने के आदेश को निरस्त करते हुए दोषमुक्त कर दिया है।
अपीलकर्ता बब्लू उर्फ बाबू सिंह लोधी की तरफ से दायर अपील में कहा गया था कि 12 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार किये जाने के खिलाफ जिला न्यायालय ने उसे पास्को सहित अन्य धाराओं के तहत सितम्बर 2024 को अधिकतम आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इसके अलावा उसके खिलाफ पूर्व सरपंच राजेन्द्र सिंह ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि अपीलकर्ता भी दमोह जिला के ग्राम पथरिया का पूर्व सरपंच था। शिकायतकर्ता तथा उसके बीच राजनीतिक विरोध था और दोनों एक दूसरे से बात नहीं करते थे। पीडित की मॉ के अनुसार राजेन्द्र ही उन्हें लेकर पुलिस स्टेशन गया था। पीडित मानसिक रूप से बीमार है, इसलिए राजेन्द्र ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पीडित ने स्वीकार किया की उसने घटना के संबंध में सबसे पहले राजेन्द्र को बताया था।
पुलिस में दर्ज करवाये गये बयान के अनुसार पीड़ित ने घटना के संबंध में सबसे पहले मॉ को बताया था। इसके अलावा बयान में यह भी स्वीकार किया गया कि राजेन्द्र उनके घर में आता जाता था। घटना के बाद पीडित स्कूल गयी थी और राजेन्द्र ही उसे स्कूल से घर लेकर आया था। इसके बाद पीड़ित ने दो बार स्नान किया और इसके बाद राजेन्द्र के साथ थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। शिकायत दर्ज करवाये जाने के संबंध में पुलिस के द्वारा कोई रिकॉर्डिंग नहीं की गयी थी। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद सजा के आदेश को निरस्त करते हुए अपीलकर्ता को दोषमुक्त करने के आदेश जारी किये है।
