लॉस एंजिल्स 16 जुलाई (वार्ता) अमेरिकी रक्षा विभाग ने लॉस एंजिल्स में तैनात लगभग 4000 कैलिफ़ोर्निया नेशनल गार्ड में से करीब आधे यानी कि 2000 गार्ड को अपने मूल कमान में लौटने का आदेश दिया है।
अमेरिका के रक्षा विभाग के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने एक बयान में रक्षा मंत्री पेटे हेगसेथ द्वारा नेशनल गार्ड सदस्यों की तैनाती कम करने के फैसले की घोषणा करते हुए कहा, “’हमारे सैनिकों के आह्वान पर आगे आने के लिए धन्यवाद, लॉस एंजिल्स में तनाव और अराजकता कम है।”
बयान में कहा कि “संघीय सुरक्षा मिशन” ने अपने तात्कालिक लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। बयान में यह नहीं बताया गया है कि नेशनल गार्ड के सदस्य कब तक वापस लौटेंगे। जबकि कुछ अधिकारियों ने कहा कि इकाइयां “व्यवस्थित तरीके से” फिर से तैनात होंगी। कैलिफ़ोर्निया नेशनल गार्ड ने पुष्टि की है कि उसने उन सैनिकों के लिए परिवहन की व्यवस्था करने के लिए कमांडरों से संपर्क करना शुरू कर दिया है जिन्हें वापस भेजा जा रहा है।
गौरतलब है कि ट्रम्प प्रशासन ने जून में लॉस एंजिल्स क्षेत्र में आव्रजन प्रवर्तन छापों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद लगभग 4,000 कैलिफ़ोर्निया नेशनल गार्ड सदस्यों और लगभग 700 सक्रिय मरीन सैनिकों को तैनात किया था।
कैलिफ़ोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम और लॉस एंजिल्स की मेयर करेन बास ने नेशनल गार्ड की तैनाती की तीखी आलोचना की और तर्क दिया कि भारी सैन्य तैनाती ने शांति बहाल करने के बजाय तनाव और बढ़ा दिया है। दोनों अधिकारियों ने मंगलवार को दोहराया कि जन-सुरक्षा कार्यों का पूरा नियंत्रण तुरंत राज्य और स्थानीय एजेंसियों को वापस दिया जाना चाहिए।
श्री न्यूसम ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “लॉस एंजिल्स में हज़ारों सदस्य अभी भी बिना किसी कारण के तैनात हैं और प्रांत में अपने महत्वपूर्ण कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हैं। इस नाटक को खत्म कर सभी को वापस भेजें।”
सुश्री बास ने कल शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ट्रम्प प्रशासन द्वारा सैनिकों को “अनावश्यक रूप से तैनात” किया गया और “प्रयोग के तौर पर इस्तेमाल” किया है।
उन्होंने कहा कि सैनिकों की वापसी के बाद भी लगभग 2,000 गार्ड और 700 मरीन लॉस एंजिल्स क्षेत्र में बने रहेंगे। उनकी ज़िम्मेदारियों में संघीय भवनों की सुरक्षा और अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंटों को उनके कार्यों में सहायता प्रदान करना शामिल है।
