स्पेन के फुटबॉल खिलाड़ी लामिन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा

मैड्रिड,16 जुलाई (वार्ता) विश्व के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल खिलाड़ियों में शुमार स्पेन के लामिन यामल के खिलाफ अपनी जन्मदिन पार्टी में बौने व्यक्तियों को मनोरजंन के लिए शामिल करने को लेकर जांच की अनुशंसा की गयी है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिकता मंत्रालय ने अभियोजक कार्यालय से 18वें जन्मदिन की पार्टी में बौने मनोरंजनकर्ताओं से पार्टी में रौनक लाने का प्रयास करने वाले लामिन के खिलाफ विकलांगता कानूनों के संभावित उल्लंघन की जांच का अनुरोध किया है।
सूत्रों के अनुसर स्टार,“ बार्सिलोना विंगर लामिन यामल एक नए विवाद में फंस गए हैं, क्योंकि उनके 18वें जन्मदिन की पार्टी में बौनों का एक समूह देखा गया, जिसके कारण मानवाधिकार कार्यकर्ता समूहों में भारी रोष फैल गया है और अब लामिन को कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।”स्पेन में विकलांगता कानूनों के तहत, इस तरह के मनोरंजन को प्रतिबंधित किया गया है। रविवार को लामिल ने बार्सिलोना से 50 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित ओलिवेला कस्बे में किराए के एक घर में पार्टी आयोजित की थी। उनके मेहमानों में यूट्यूबर, प्रभावशाली लोग और बार्सिलोना से उनके कई साथी शामिल थे।
बीबीसी स्पोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार खिलाड़ी पर आरोप है कि उन्होंने बौने कलाकारों के एक समूह को पार्टी में मनोरंजन के लिये रखा था। स्पेन में ‘एकोंड्रोप्लासिया एवं अन्य स्केलेटेल डिसप्लेसिया’ से पीड़ित लोगों के संघ (एडीईई) ने ऐसे किसी भी कार्य को 21वीं सदी में अस्वीकार्य बताया है।
मंत्रालय और 2030 एजेंडा मंत्रालय से जुड़े दिव्यांग व्यक्तियों के महानिदेशालय ने कहा, “एडीईई ने इस बाबत कानूनी तौर पर एक शिकायत दर्ज की है। इसलिए महानिदेशालय ने अभियोजक कार्यालय से यह जाँच करने को कहा है कि क्या इस दौरान किसी कानून या दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।”
उधर एडीईई ने मनोरंजन के लिए बौने लोगों को काम पर रखने की सार्वजनिक रूप से निंदा करते हुए कहा है कि वह इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा। उसके मुताबिक ऐसा करना रूढ़िवादिता और भेदभाव को बढ़ावा देता है और विकलांग लोगों की छवि तथा अधिकारों को कमजोर करता है।
देश के रेडियो स्टेशन ‘आरएसीआई’ को दिए एक साक्षात्कार में पार्टी में मौजूद होने का दावा करने वाले एक बौने कलाकार ने लामिन का बचाव किया। नाम न बताने की शर्त पर उसने कहा,“किसी ने हमारा अपमान नहीं किया, हमने शांति से काम किया। हम मनोरंजनकर्ता के रूप में काम करते हैं। हम ऐसा क्यों नहीं कर सकते? अपनी शारीरिक स्थिति के कारण? मुझे समझ नहीं आता कि इतना शोर क्यों मचाया जा रहा है। हम सामान्य लोग हैं जो अपनी मर्ज़ी से बिल्कुल कानूनी तरीके से काम करते हैं।”

Next Post

शांति सैनिकों पर हमलों की जवाबदेही बेहद जरुरी - भारत

Wed Jul 16 , 2025
न्यूयॉर्क, 16 जुलाई (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश ने कहा है कि शांति सैनिकों पर हमलों के मामले में जवाबदेही का होना न केवल इंसाफ के लिए बल्कि दुनियाभर में इस संगठन के शांति अभियानों के लिए भी जरुरी है। श्री हरीश ने यहां […]

You May Like