पुत्र वियोग की पीड़ा में डूबे पिता ने फांसी लगाकर की जीवन लीला समाप्त 

अमरकंटक। पवित्र नगरी अमरकंटक के नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 4, बराती काठजू ग्राम में एक अत्यंत हृदयविदारक घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। गांव के निवासी कुंवरलाल बैगा (उम्र 60 वर्ष), जिन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय सादगी और मेहनत में व्यतीत किया, ने पुत्र वियोग की पीड़ा सहन न कर पाने के कारण आत्महत्या कर ली।

गत वर्ष उनके इकलौते पुत्र सुखसेन बैगा (उम्र लगभग 35-36 वर्ष) का असामयिक निधन हो गया था। उस आघात ने कुंवरलाल बैगा के जीवन में शून्यता भर दी थी। पुत्र के जाने के बाद वे निरंतर गहन शोक और आत्मग्लानि में डूबे रहते थे।

सोमवार, 14 जुलाई की सायं 7:30 बजे, कुंवरलाल बैगा ने अपनी ही कुटिया में मयार में रस्सी बांधकर गले में फांसी का फंदा डाल आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि उस क्षण वे पूरी तरह से टूट चुके थे और जीवन से मोह समाप्त हो चुका था।

घटना की सूचना वार्ड क्रमांक 4 की पार्षद श्रीमती कल्पना सुरेश, पिता लालमणि सुरेश ने तत्काल थाना अमरकंटक में दी। पुलिस ने मामला पंजी क्रमांक 24/25 बीएनएस की धारा 194 के तहत दर्ज कर लिया है।

Next Post

पांच से सात वर्ष की आयु के बच्चों के आधार बायोमेट्रिक निःशुल्क अपडेट करें: प्राधिकरण

Tue Jul 15 , 2025
नयी दिल्ली 15 जुलाई (वार्ता) भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने सात वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) पूरा करने पर बल देते हुए कहा है कि यह निशुल्क है और किसी भी आधार सेवा केन्द्र या निर्दिष्ट आधार केन्द्र पर अपडेट किया जा सकता […]

You May Like