उज्जैन:श्रावण मास में भगवान महाकाल की पहली सवारी सोमवार को नगर में धूमधाम से निकलेगी। भगवान महाकाल चांदी की पालकी में मनमहेश रूप में सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे। वहीं सवारी को लेकर जिला प्रशासन सहित पुलिस प्रशासन ने भी अपनी व्यवस्था चाक चौबंद कर ली है। मार्गों का निर्धारण कर अधिकारियों को व्यवस्था संभालने के निर्देश भी दिए है। वहीं व्यवस्था के लिए कैमरे और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था भी की गई ताकि किसी प्रकार की व्यवस्था ना बिगड़े और कोई अप्रिय घटना ना कर सकें।
मंदिर प्रबंध समिति ने श्राव में निकलने वाली भगवान महाकाल की प्रथम सवारी के लिए संपूर्ण तैयारी कर ली है। इस बार बाबा नई पालकी में सवार होकर निकलेंगे। इसके लिए पालकी सफाई व पालिश करने के साथ ही का इसका ट्रायल भी लिया गया। वहीं भगवान की चांदी की प्रतिमा का श्रृंगार भी कर दिया गया है। सोमवार को सवारी प्रारंभ होने के पूर्व सभामंडप में भगवान का पूजन-अर्चन होगा। इसके बाद भगवान पालकी में विराजित होकर शाम 4 बजे भक्तों को दर्शन देने परंपरागत मार्ग से नगर भ्रमण पर निकलेंगे।मन्दिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजमान भगवान को सलामी दी जाएगी।
सवारी में भजन मंडली, पुलिस बैंड, घुड़सवार दल, सशस्त्र बल, होमगार्ड के जवान, मंदिर के पंडे-पुजारी व अधिकारी प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे। सवारी मन्दिर से शुरू होकर महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी, रामघाट, रामानुजकोट, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मन्दिर, पटनी बाजार, गुदरी से होती हुई पुन: मन्दिर पहुंचकर समाप्त होगी। पहली सवारी में 500 बटुकों द्वारा वैदिक उद्घोष किया जाएगा।
