
झाबुआ। स्थानीय नगर पालिका द्वारा ग्राम कुंडला में प्रस्तावित ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए चयन की गई सरकारी भूमि पर विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को तहसीलदार सुनील डावर के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम जब भूमि का सीमांकन हेतु कुंडला पहुंची, तब वहां ग्रामीणों ने जमकर विरोध जताया और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान कुछ महिलाएं पत्थर लेकर खड़ी हो गईं, समझाईश के बाद महिलाएं मानी और दो दिन का समय दिया गया। तहसीलदार डावर ने बताया कि प्रशासनिक आदेशों के तहत सीमांकन के लिए टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए उन्हें दो दिन की मोहलत दी है। विवाद की स्थिति बनी थी, महिलाएं पत्थर लेकर खड़ी हो गईं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दो दिन प्रशासनिक आदेश का पालन करवाकर सीमांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और भूमि नगर पालिका को सौंप दी जाएगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन को सौपा ज्ञापन
विवाद के बाद ग्राम के ग्रामीणजन कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा, जिसमें उन्होंने कहा कि वे पिछले 50-60 वर्षों से इस भूमि पर खेती कर रहे हैं, जो उनकी आजीविका का मुख्य स्रोत है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि यह भूमि छीनी गई, तो वे बेघर और बेरोजगार हो जाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने ट्रेंचिंग ग्राउंड बनने से प्रदूषण और बीमारियों के खतरे की आशंका जताई, साथ ही इस योजना को पूरी तरह निरस्त करने की मांग की। कुंडला ग्राम पंचायत की पेसा ग्राम सभा ने भी इस भूमि आवंटन के खिलाफ ठहराव प्रस्ताव पारित किया है। पंचायत और ग्रामवासियों का कहना है कि वे किसी भी किमत पर इस भूमि पर कचरा डंपिंग की अनुमति नहीं देंगे। गौरतलब है कि झाबुआ नगरपालिका वर्तमान में एक अन्य ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरा डंप कर रही है, जहां आसपास के ग्रामीणों का विरोध लगातार जारी है। नई जगह की तलाश में प्रशासन ने कुंडला की सरकारी भूमि को चुना, लेकिन यहां भी विवाद और विरोध ने मुश्किले खडी कर दी है।
