आईईए ने वर्तमान उर्जा संकट के प्रभाव को कम करने के लिये पेश किये 10 सुझाव

पेरिस, 20 मार्च (वार्ता) अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने शुक्रवार को कुछ ऐसे सुझाव पेश किये हैं, जिन्हें अपनाकर सरकारें, व्यवसाय और परिवार पश्चिमी एशिया में युद्ध से उत्पन्न तेल संकट के प्रभाव को कम कर सकते हैं। इस युद्ध ने वैश्विक तेल बाजार के इतिहास में सबसे बड़ी आपूर्ति बाधा उत्पन्न कर दी है, क्योंकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बेहद कम हो गई है। आवाजाही का कम होना इसलिए तेल संकट का कारण बन गया है, क्योंकि आमतौर पर प्रतिदिन लगभग दो करोड़ बैरल कच्चा तेल और तेल उत्पाद इस जलडमरूमध्य से होकर गुजरते हैं।

इस प्रवाह के रुकने से पेट्रोलियम बाजार इस कदर प्रभावित हुआ है कि कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई हैं और डीजल, जेट ईंधन तथा तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) जैसे रिफाइंड उत्पादों की कीमतों में और भी भारी वृद्धि हुई है।इसलिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से परिवहन को बहाल करना आवश्यक बना हुआ है। इस बीच, प्रभावित देश आपूर्ति और मांग दोनों पर कार्रवाई कर रहे हैं। 11 मार्च को आईईए के सदस्य देश आपातकालीन भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमत हुए हैं जो एजेंसी के इतिहास में स्टॉक से की गई सबसे बड़ी निकासी है। केवल आपूर्ति-पक्ष के उपाय से इस बड़े व्यवधान की पूरी तरह भरपाई नहीं की जा सकती है। मांग को भी नियंत्रित करना जरूरी है ताकि उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला दबाव कम किया जा सके और उर्जा संरक्षण को भी मजबूत किया जा सके।

आईईए ने इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एक नयी रिपोर्ट पेश की है, जिसमें दस ऐसे उपायों को पेश किया है, जो मांग पक्ष को नियंत्रित करने से संबंधित हैं। ये कार्रवाइयां मुख्य रूप से सड़क परिवहन पर केंद्रित हैं, जो वैश्विक तेल मांग का लगभग 45 प्रतिशत है, लेकिन इसमें विमानन, खाना पकाने और उद्योग को भी शामिल किया गया है। एजेंसी ने सुझाव दिया है कि जहाँ संभव हो वहाँ घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करें। राजमार्ग की गति सीमा में कम से कम 10 किलोमीटर प्रति घंटा की कमी करें। सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करें। बड़े शहरों में अलग-अलग दिनों में निजी कारों के उपयोग के लिए रोटेशन योजना लागू करें। साथ ही कार साझा करने (कार पूलिंग) और कुशल ड्राइविंग प्रथाओं को अपनाने, वाणिज्यिक वाहनों के लिए कुशल ड्राइविंग और माल की डिलीवरी के बेहतर प्रबंधन का सुझाव दिया गया है। परिवहन से एलपीजी के उपयोग को कम कर उसे अन्य जरूरी कार्यों के लिए बचाने और विकल्प मौजूद होने पर हवाई यात्रा से बचने की सलाह दी गयी है।

जहाँ संभव हो, खाना पकाने के अन्य आधुनिक विकल्पों (जैसे इलेक्ट्रिक कुकिंग) को अपनाने और पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक में लचीलापन लाने के साथ-साथ अल्पकालिक दक्षता के उपायों को लागू करने की सलाह दी गयी है। आईईए ने उन सभी नीतिगत उपायों का विवरण भी प्रकाशित किया है जो संकट की शुरुआत के बाद से सरकारों द्वारा घोषित किए गए हैं। इससे पता चलता है कि कई देश पहले से ही संरक्षण और वित्तीय उपायों के माध्यम से उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे हैं।

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