
मास्को/प्योंगयांग, 12 जुलाई (वार्ता) रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने रूस और उत्तर कोरिया (डीपीआरके) के बीच के राजनीतिक संबंधों की सराहना की है और इसे “अजेय भाईचारा” करार दिया।
रूसी राज्य मीडिया ताश की शनिवार की रिपोर्ट के मुताबिक श्री लावरोव ने इस बात पर बल दिया कि यह संबंध कुर्स्क क्षेत्र की मुक्ति में रूसी सेना का साथ देने वाले उत्तर कोरियाई सैनिकों की भागीदारी से स्पष्ट रूप से मजबूत हुआ है और यह सैन्य सहयोग का एक अभूतपूर्व स्तर है जो गहरे होते संबंधों को दर्शाता है। श्री लावरोव की हालिया उत्तर कोरिया यात्रा मास्को और प्योंगयांग के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंध में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यात्रा के दौरान, श्री लावरोव ने विदेश मंत्री स्तर पर रणनीतिक वार्ता के दूसरे दौर में, वॉनसन में एक समारोह के दौरान अपने उत्तर कोरियाई समकक्ष चोई सोन हुई के साथ 2026-2027 के लिए राजनयिक विभागों के बीच आदान-प्रदान के लिए एक योजना पर हस्ताक्षर किया।
रूसी विदेश मंत्री ने रूस के चल रहे सैन्य अभियानों में उत्तर कोरिया के महत्वपूर्ण योगदान को भी स्वीकार किया तथा ‘’यूक्रेनी नाजियों और विदेशी भाड़े के सैनिकों से कुर्स्क क्षेत्र की सफल मुक्ति’’ में उनकी मदद के लिए उत्तर कोरियाई सैन्य कर्मियों को धन्यवाद दिया।
उन्होंने आगे संकेत दिया कि किसी भी सैन्य सहयोग के लिए भविष्य का मार्ग केवल उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन द्वारा निर्धारित किया जाएगा तथा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उनके साथ निरंतर संपर्क बनाए रखेंगे।
सैन्य मामलों के अलावा दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जिसमें दोनों देशों के बीच समुद्री परिवहन संपर्क को फिर से शुरू करने की ठोस योजना भी शामिल थी।
परमाणु रुख एवं कूटनीति के संवेदनशील मुद्दों पर रूस ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को कड़ी चेतावनी दी तथा ऐसी किसी भी कार्रवाई के प्रति आगाह किया जिससे मास्को या प्योंगयांग की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
श्री लावरोव ने उत्तर कोरिया द्वारा परमाणु कार्यक्रम को विकसित करने के कारणों के प्रति मास्को की समझ एवं सम्मान को दोहराया कहा यह एक ऐसा रुख है जो उसे कई अन्य वैश्विक शक्तियों से अलग करता है।
उत्तर कोरिया के साथ वार्ता पुनः शुरू करने में रुचि दिखाने के लिए रूस और उत्तर कोरिया दोनों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को धन्यवाद दिया हालांकि इस विषय पर आगे कोई टिप्पणी नहीं की गई।
अंतर-कोरियाई वार्ता के संबंध में, रूस ने केवल उन मुद्दों पर सहायता करने की अपनी इच्छा की पुष्टि की, जहां उत्तर कोरिया ने आंतरिक कोरियाई मामलों से सम्मानजनक दूरी बनाए रखने में अपनी रुचि व्यक्त की।
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री ने रूस की क्षेत्रीय अखंडता के लिए बिना शर्त समर्थन देने का वादा किया तथा दृढ़तापूर्वक घोषणा किया कि दोनों देशों के बीच संबंध अटूट स्तर पर पहुंच गए हैं।
