केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में 30-34% तक बढ़ोतरी की संभावना; फिटमेंट फैक्टर और DA का क्या होगा असर, जानें शहरवार HRA की नई दरें।
नई दिल्ली, 12 जुलाई, 2025 (नवभारत): केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) एक बड़ी उम्मीद लेकर आ रहा है। अनुमान है कि इस आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में 30-34% तक की बंपर बढ़ोतरी हो सकती है। इस वृद्धि का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य भत्ते होंगे, जो शहरों की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग बढ़ेंगे। हालाँकि, 8वें वेतन आयोग के वित्त वर्ष 2027 (अप्रैल 2026 से मार्च 2027) तक लागू होने की संभावना है, लेकिन अभी से ही संभावित लाभों पर चर्चा तेज हो गई है।
वर्तमान में, 7वें वेतन आयोग के तहत HRA की दरें शहरों को X, Y और Z कैटेगरी में बांटकर क्रमशः 27%, 18% और 9% तय की गई हैं (जब महंगाई भत्ता 50% को पार कर गया था)। अब 8वें वेतन आयोग में, उम्मीद है कि HRA की दरें एक बार फिर से मूल बेस रेट यानी 24%, 16% और 8% पर रीसेट हो सकती हैं, क्योंकि नए आयोग में महंगाई भत्ता (DA) को फिर से शून्य से शुरू किया जाएगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों को कम HRA मिलेगा। इसके बजाय, बढ़ी हुई बेसिक सैलरी के कारण कर्मचारियों के हाथ में आने वाला HRA काफी अधिक होगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी की वर्तमान बेसिक सैलरी ₹35,400 है और वह मेट्रो शहर (X कैटेगरी) में रहता है, तो उसका HRA अभी ₹10,620 हो सकता है। लेकिन 8वें वेतन आयोग में यदि बेसिक सैलरी बढ़कर ₹90,000 हो जाती है, तो HRA 24% की दर से भी ₹21,600 हो जाएगा, यानी दोगुने से भी अधिक का फायदा।
फिटमेंट फैक्टर का अहम रोल: बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल, अन्य भत्तों में भी होगी बढ़ोतरी
8वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी का मुख्य आधार फिटमेंट फैक्टर होगा। पिछली बार 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, लेकिन इस बार इसके 1.83 से 2.46 (और कुछ अनुमानों के अनुसार 2.28 या 3.00 तक) के बीच रहने की संभावना है।
यह फिटमेंट फैक्टर सीधे तौर पर बेसिक सैलरी को प्रभावित करेगा। उदाहरण के लिए, यदि न्यूनतम बेसिक सैलरी अभी ₹18,000 है, तो 1.83 के फिटमेंट फैक्टर से यह ₹32,940 हो सकती है, जबकि 2.46 के फिटमेंट फैक्टर से यह ₹44,280 तक पहुँच सकती है। बेसिक सैलरी में इस बड़े उछाल से न केवल HRA, बल्कि अन्य भत्तों जैसे परिवहन भत्ता (TA) और चिकित्सा भत्ता (Medical Allowance) में भी significant वृद्धि देखने को मिलेगी। वर्तमान में कर्मचारियों को ₹1000 का फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस मिलता है, जिसमें भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। इन सभी भत्तों में वृद्धि से केंद्रीय कर्मचारियों की मासिक आय में एक बड़ा सुधार होगा, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

