
जबलपुर। समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत संचालित नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास, मझौली में अंग्रेज़ी, विज्ञान और गणित विषय के लिए तीन शिक्षकों की आवश्यकता के संबंध में भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो इस संबंध में कोई आधिकारिक विज्ञप्ति/अधिसूचना जारी की गई है और न ही नियमानुसार अखबार या वेबसाइट पर सूचना दी गई है। इसके बजाय पंपलेट एवं व्यक्तिगत माध्यम से सूचना प्रसारित कर मनमाने तरीके से प्रक्रिया चलाई जा रही है। इससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाए
शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा भी इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। जिससे योग्य अभ्यर्थियों को अवसर से वंचित किए जाने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों की मांग की है भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नियमानुसार की जाए। विज्ञप्ति, अधिसूचना और आवेदन प्रक्रिया सार्वजनिक रूप से घोषित की जाए। पात्र उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान किया जाए। स्थानीय नागरिक रीता वर्मा का कहना है कि हमारे बच्चों को पढ़ाने के लिए योग्य शिक्षक ही आने चाहिए, पंपलेट से चयन नहीं होना चाहिए। वार्ड क्रमांक 5 के निवासी सुनील यादव ने बताया सरकारी स्कूल में भी पारदर्शिता नहीं होगी तो गरीब बच्चों का भविष्य कौन सुधारेगा? अनिल पटैल ने कहा कि अगर प्रक्रिया सही नहीं हुई तो हम विरोध करेंगे।
