कैनबरा, 10 जुलाई (वार्ता) ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से एक सिंथेटिक प्रोटीन बनाया है जो ई. कोलाई जैसे एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया को मारने में सक्षम है।
मेलबर्न स्थित मोनाश विश्वविद्यालय ने आज कहा कि यह पहली बार है जब किसी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने एआई का इस्तेमाल कर जैविक प्रोटीन बनाया है। इस उपलब्धि से ऑस्ट्रेलियाई टीम अधिक किफायती दवा बनाने और बीमारियों के निदान के लिए अनेेेक प्रकार के प्रोटीन तेज़ी से विकसित करने वाले अमेरिका और चीन जैसे देशों की कतार में आ गयी है।
मोनाश विश्वविद्यालय के एक बयान के मुताबिक टीम ने उन्नत एआई-संचालित उपकरणों का उपयोग करके एआई प्रोटीन डिज़ाइन प्लेटफ़ॉर्म विकसित किया है। इसमें हाल ही में विकसित सॉफ़्टवेयर भी शामिल है जो दवा और चिकित्सकीय प्रयोगों के लिए प्रोटीन बनाने में सक्षम है।
इस शोध दल के प्रमुख मोनाश विश्वविद्यालय में पीएचडी छात्र डैनियल फॉक्स ने कहा “इन उपकरणों का इस्तेमाल कर हम प्रोटीन को एक विशिष्ट लक्ष्य या अणु अथवा रसायन के रूप में बाँधने के लिए डिज़ाइन कर सकते हैं। इसकी मदद से बेहतर गतिविधि और स्थिर गुणों वाले एंजाइम डिज़ाइन कर सकते हैं।”
शोध के सह-प्रमुख लेखक राइस ग्रिंटर के अनुसार यह खोज अमेरिकी जैव रसायनज्ञ और नोबेल पुरस्कार विजेता डेविड बेकर के अग्रणी कार्य पर आधारित है।
नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि एआई ने प्रोटीन इंजीनियरिंग को दशकों से घटाकर सेकंडों में ला दिया है जिससे संक्रमण, कैंसर, सर्पदंश और अन्य बीमारियों के इलाज में तेज़ी आई है।
श्री ग्रिंटर ने कहा कि इस प्रोटीन से नयी दवाओं को बनाने में तेजी आने के साथ साथ उनकी लागत में कमी आने की उम्मीद है और एंटीबायोटिक प्रतिरोध के लिए नए समाधान उपलब्ध होंगे।
