चांदीपुर, 21 अप्रैल (वार्ता) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को ‘सुरक्षा, पहचान और सुशासन’ को लेकर एक निर्णायक लड़ाई के तौर पर पेश किया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘अलविदा दीदी’ कहते हुए संकेत दिया कि अब राज्य में सत्ता परिवर्तन का समय आ गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने मंगलवार को यहां चुनावी रैली में कहा कि सुश्री बनर्जी का कार्यकाल अब पूरा हो चुका है तथा मतदाता अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार लाने के लिए तैयार हैं। उनके भाषण में बीच-बीच में ‘जय श्री राम’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे गूंज रहे थे। उन्होंने अपने भाषण के जरिए राष्ट्रवाद, धार्मिक पहचान और राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलताओं का जिक्र करके अपना समर्थन मजबूत करने की कोशिश की।
उन्होंने तीखे तेवर में घुसपैठ के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस को बार-बार निशाना बनाया और दावा किया कि बंगाल की सीमाएं ‘खुली’ छोड़ दी गई हैं लेकिन भाजपा सरकार बनने पर 45 दिनों के भीतर सीमाओं को सील कर दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठिए नौकरियां और संसाधन छीन रहे हैं । उन्होंने सत्तारुढ़ पार्टी पर जनसांख्यिकीय और सांस्कृतिक खतरों को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।
श्री शाह ने चुनाव प्रचार में ध्रुवीकरण को और बढ़ाने के मकसद से समान नागरिक संहिता (यूसीसी), बहुविवाह और तीन तलाक जैसे मुद्दे उठाए। इसके जरिए उन्होंने भाजपा को कानूनी एकरूपता और सामाजिक सुधारों के समर्थक के तौर पर पेश किया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने और अतीत में हुई सैन्य कार्रवाइयों का हवाला देते हुए आतंकवाद के प्रति केंद्र सरकार के निर्णायक रवैये को रेखांकित किया।
