आनुवांशिक बीमारी है सिकल सेल एनीमिया, जो बच्चों में ट्रांसफर होती है: डॉ. मुकेश तोमर

*नेशनल मिशन टू इलिमिनेट्‌ सिकल सेल एनीमिया पर कार्यशाला हुई*

ग्वालियर। सिकल सेल एनीमिया एक आनुवांशिक बीमारी है, जो माता पिता से उनके बच्चों में ट्रांसफर होती है। हामोग्लोबिन लाल रक्तकाओं में एक प्रोटीन पदार्थ होता है, जो ऑक्सीजन को लंग्स से पूरे शरीर के अंगों में ले जाने का काम करती है। जब हामोग्लोबिन के बीटा चैन में म्युटेशन होता है, तब हामोग्लोबिन डिस्क आकार से सिकल (हांसिया ) जैसे आकार की हो जाती है। जिस कारण लाल रक्तकाएं टूटने लगती हैं, जिसकी वजह से एनीमिया खून की कमी हो जाती है और मरीज की सांस फूलने लग जाती है। साथ ही हड्डियों में असहनीय दर्द, लकवा, हाथ पैर में सूजन आदि लक्षण मिलते हैं। यह बात जिला अस्पताल मुरार के मेडिकल विशेषज्ञ डॉ. मुकेश सिंह तोमर ने कही। वे बुधवार को महाराजा मानसिंह महाविद्यालय में नेशनल मिशन टू इलिमिनेट्‌ सिकल सेल एनीमिया पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता प्राचार्य सीताराम सिंह तोमर ने की। स्वागत भाषण एनसीसी के अधिकारी कैप्टन डॉ. समीर भार्गव ने दिया। मुख्य वक्ता डॉ. तोमर ने कहा कि इस बीमारी की जांच खून से सैंपल लेने पर एनीमिया टाइपिंग पेरिफरल स्मेयर के माध्यम से किया जाता है। इसमें पैक्ड आरबीसी नामक खून चढ़ाया जाता है, जिससे मरीज का जीवन बेहतर हो जाता है। स्टेम सेल ट्रांसप्लांटेशन ही इसका सटीक इलाज है। ये बीमारी अफ्रीका के बाद भारत में ट्राइबल जनसंख्या में सबसे अधिक पायी जाती है। कैप्टन डॉ. समीर भार्गव ने कहा कि सरकार द्वारा सिकल सेल मिशन के माध्यम से इस बीमारी को 2047 तक भारत से मिटाने की पूरी संभावना है। अंत में महाविद्यालय की ओर से मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। कार्यशाला में 110 एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे।

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