नयी दिल्ली, 08 जुलाई (वार्ता) विविध क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपभोग को बढ़ाने के समन्वित और रणनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के वास्ते एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए सातवीं क्षेत्रीय समिति की तीन दिवसीय बैठक श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित की जाएगी।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की सूचना के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन द्वारा आयोजित यह बैठक 15 से 17 जलाई तक काेलम्बो में होगी। बैठक में वैश्विक सौर ऊर्जा के उपभोग में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के नेतृत्व को मजबूत करने के लिए रणनीतिक संवाद, ज्ञान और अनुभव के परस्पर आदान-प्रदान और कार्रवाई-उन्मुख परिणामों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय सौर ऊर्जा संगठन के महानिदेशक आशीष खन्ना ने स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य को आकार देने में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के केंद्र में है। कोलंबो में क्षेत्रीय समिति की बैठक व्यावहारिक तथा निवेश समाधान विकसित करने का एक अवसर है जिसमें प्रौद्योगिकी विस्तार की ज्यादा संभावना है।
श्रीलंका के उपराष्ट्रपति की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक से चाहे एसआईडीएस के लिए क्षेत्रीय समेकित सौर ऊर्जा प्लेटफ़ॉर्म विकसित करना हो, क्षेत्रीय अंतर्संबंधों को सक्षम करना हो, सौर और डिजिटल नवाचार के एकीकरण के लिए एशियाई संस्थानों का विस्तार करना हो या ग्रीन हाइड्रोजन और भंडारण जैसी नई प्रौद्योगिकियों के विकास का समर्थन करना हो, इन सब स्थितियों में यह बैठक साझेदारी और स्थानीय नेतृत्व पर आधारित सौर-संचालित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन एक वैश्विक पहल है जिसे 2015 में भारत और फ्रांस ने पेरिस में शुरू किया था। इसके 123 सदस्य और हस्ताक्षरकर्ता देश हैं। यह गठबंधन दुनिया भर में ऊर्जा की पहुंच और सुरक्षा को बेहतर बनाने और कार्बन-तटस्थ भविष्य के लिए सौर ऊर्जा को एक स्थायी साधन के रूप में बढ़ावा देने के लिए सरकारों के साथ काम करता है।
