नई दिल्ली, (वार्ता) सनश्योर एनर्जी और जेएसएल सुपर स्टील ने 11 मेगावाट सौर ऊर्जा आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते (पीपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं।
कंपनी ने गुरुवार को कहा कि यह साझेदारी न केवल जेएसएल सुपर स्टील की ऊर्जा खपत को हरित बनाएगी, बल्कि धातु उद्योग में पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक नया मानक भी स्थापित करेगी। समझौते के तहत जेएसएल सुपर स्टील को उत्तर प्रदेश के औगासी में स्थित सनश्योर की 49 मेगावाट सौर परियोजना से ऊर्जा आपूर्ति प्राप्त होगी। इससे कंपनी की पारंपरिक ऊर्जा खपत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छ ऊर्जा से प्रतिस्थापित किया जाएगा।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश की पावर बैंकिंग नीति के तहत कार्यान्वित की जाएगी, जो राज्य की ऊर्जा सुरक्षा और स्मार्ट बिजली प्रबंधन के विज़न से मेल खाती है। इसके माध्यम से, जेएसएल सुपर स्टील को हर वर्ष 1.65 करोड़ यूनिट (एमयू) स्वच्छ बिजली मिलेगी, जिससे कंपनी सालाना 1.2 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन में कटौती कर सकेगी, जो पर्यावरणीय प्रभाव के लिहाज़ से 5.45 लाख से अधिक पेड़ लगाने के बराबर है।
जिंदल स्टेनलेस के पूर्णकालिक निदेशक और सीओओ जगमोहन सूद ने कहा, “हमारा यह गठजोड़ जिंदल स्टेनलेस के नेट जीरो लक्ष्य की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। वर्ष 2035 तक 50 प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना हमारा अल्पकालिक लक्ष्य है और इसके लिए हम नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और जैव ईंधन जैसे स्वच्छ विकल्पों को अपनी उत्पादन प्रक्रिया में तेजी से शामिल कर रहे हैं।”
सनश्योर एनर्जी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशांक शर्मा ने कहा, “जैसे-जैसे उद्योग भारत के अक्षय ऊर्जा लक्ष्यों के साथ कदमताल कर रहे हैं, ऐसे साझेदारी मॉडल जिम्मेदार विकास की मिसाल पेश करते हैं। यह समझौता इस बात का प्रमाण है कि स्वच्छ ऊर्जा अब केवल एक विकल्प नहीं बल्कि औद्योगिक भविष्य का आधार है।”
