सतना: जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र के चितहरा रेल्वे स्टेशन एवं मझगवां रेल्वे स्टेशन के मध्य हजारा के पास एक 5 माह के बाघ शावक की ट्रेन से टकराकर मृत्यु हो जाने की घटना पर महापौर योगेश कुमार ताम्रकार ने चिंता एवं दुख प्रकट करते हुए कहा कि वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाया जाना चाहिए।
महापुरबके अनुसार उन्होंने कई बार सरभंगा के जगलों को टाइगर अभ्यरण बनाये जाने हेतु पत्राचार व प्रयास किये, चूंकि मध्यप्रदेश के पन्ना नेशलन पार्क एवं उ०प्र० के टाइगर रिजर्व के बाघों एवं अन्य वन्य जीवों के आने-जाने का कारीडोर सरभगा के जंगलों से ही होता है।
यह पहली घटना नहीं है वर्ष 2016 में भी एक वयस्क नर बाघ व 3 लेपर्ड भी हजारा के पास ही ट्रेन दुर्घटना में मृत्यु हुए हैं, सतना वन विभाग को रेल्वे विभाग से बातचीत कर एक सुरक्षित व कारगार उपाय चितहरा रेल्वे स्टेशन से लेकर टिकरिया रेल्वे स्टेशन तक अतिशीघ्र करना चाहिए, जिससे भविष्य में बाघों एवं अन्य वन्य जीवों को इस प्रकार की रेल दुर्घटनाओं से बचाया जा सके। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान समय में सरभंगा के जंगलों में 25 बाघ व 9 शावक एवं हजारों वन्य प्राणी असुरक्षित रूप से विचरण कर रहे हैं।
ठोस कार्रवाई की दरकार
महापौर, श्री ताम्रकार ने कहा कि म०प्र० टाईगर स्टेट के रूप में जाना जाता है ऐसे में इतनी बाघों की संख्या व अन्य प्रकार के वन्य जीवों की उपस्थिति होने पर भी कोई ठोस कार्यवाही न करना दुखद है। महापौर ने सतना वन विभाग से अपील की है कि सरभंगा के जंगलों के लिए एक प्रोजेक्ट तैयार कर व मानव बल बढ़ा कर अतिशीघ्र बाघों व अन्य वन्य जीवों के सुरक्षा हेतु आवश्यक पहल करें।
