
ग्वालियर। वामपंथी धर्मनिरपेक्ष दलों भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भा क पा (माले), समानता दल, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने 9 जुलाई को संयुक्त ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन करने का निर्णय लिया है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी म प्र राज्य कार्यकारिणी सदस्य कौशल शर्मा एडवोकेट ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय मजदूर संगठनों के आह्वान पर 9 जुलाई को आयोजित आम हड़ताल को ऐतिहासिक बनाना है। आम हड़ताल मुख्य रूप से श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन के खिलाफ बुलाई गई है, जो कॉर्पोरेट एजेंडा का एक मुख्य हिस्सा है जिसका उद्देश्य श्रमिकों के बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों को गंभीर रूप से कम करना है। जिसमें संगठित होने और सामूहिक कार्रवाई करने का उनका अधिकार भी शामिल है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार जो अब अपने तीसरे कार्यकाल में है अपने नवउदारवादी एजेंडा को आक्रामक रूप से आगे बढ़ा रही है, जिसका एक केंद्रीय घटक श्रम संहिताएं हैं । यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संसाधनों के निजीकरण की ओर आक्रामक रूप से आगे बढ़ा रही है खासकर रक्षा और संचार जैसे रणनीतिक क्षेत्र में। इन मजदूर विरोधी नीतियों के सभी विरोध को दबाने की कोशिश की जा रही है।
