रियो डी जेनेरियो/नई दिल्ली 7 जुलाई (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स समूह को नया आयाम देते हुए कहा है कि इसका मतलब ‘सहयोग और स्थिरता के लिए लचीलापन और नवाचार ’ है।
रियो डी जेनेरियो में सोमवार को 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स देश सभी विषयों पर घनिष्ठ सहयोग जारी रखेंगे और समूह को फिर से परिभाषित करने पर काम करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा, “ अगले वर्ष भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत हम सभी विषयों पर घनिष्ठ सहयोग जारी रखेंगे…हम ब्रिक्स को फिर से परिभाषित करने की दिशा में काम करेंगे।”
भारत अगले वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का मतलब होगा “ सहयोग और स्थिरता के लिए लचीलापन तथा नवाचार ”। उन्होंने कहा कि जिस तरह जी-20 की अध्यक्षता के दौरान भारत ने जी-20 समूह को व्यापक बनाया और एजेंडे में ग्लोबल साउथ के मुद्दों को प्राथमिकता दी, उसी तरह ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भारत इस मंच को जन-केंद्रित और मानवता सर्वोपरि की भावना से आगे ले जाएगा।
