
इंदौर. श्रावण मास के दौरान रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ और संभावित असामाजिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए जीआरपी पुलिस अधिकारियों ने प्रदेशभर में सघन चेकिंग अभियान चलाया. इंदौर समेत 15 से अधिक प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर जीआरपी व आरपीएफ की संयुक्त टीमें अलर्ट मोड में रहीं.
यह अभियान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल रवि कुमार गुप्ता और पुलिस उप महानिरीक्षक रेल श्रीमती मोनिका शुक्ला के मार्गदर्शन में, पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर संतोष कौरी के आदेशा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा पाठक सोनी और उप पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर श्रीमती ज्योति शर्मा के निर्देशन में संचालित किया. इस दौरान स्टेशन परिसर, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, पार्सल ऑफिस, सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग स्थलों पर संदिग्धों की गहन पूछताछ. इस दौरान बिना टिकट घूम रहे व्यक्तियों और रात में स्टेशन पर सोने वालों पर विशेष निगरानी भी की. वहीं ई-रक्षक ऐप के माध्यम से 250 से अधिक संदिग्धों की डिजिटल फेस डिटेक्शन तकनीक से आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की. निरीक्षण के दौरान आउटर से प्लेटफॉर्म और ट्रेनों के भीतर तलाशी अभियान चलाकर यात्रियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया. इस दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान रेलवे क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने और यात्रियों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है. इस दौरान जीआरपी अधिकारियों ने यह संदेश भी दिया कि रेलवे परिसरों में असामाजिक तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है. वहीं रेलवे यात्रियों से अपील की गई है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो वे चुप न रहें और तत्काल जीआरपी को सूचना दें. आने वाले दिनों में भी इसी तरह के चेकिंग अभियान लगातार चलाए जाएंगे.
कहां-कहां हुई, चेकिंग
अभियान के तहत इंदौर, उज्जैन, रतलाम, मेघनगर, शामगढ़, नीमच, ब्यावरा, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, डॉ. अंबेडकरनगर, देवास, मक्सी, शाजापुर, नागदा और फतेहाबाद रेलवे स्टेशनों पर सघन जांच की गई.
