नयी दिल्ली, 05 जुलाई (वार्ता) कांग्रेस ने मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में महाघोटाले का अरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के नेता इसमें शामिल हैं और उनके कई मोहरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कांग्रेस महासचिव रणदीपसिंह सुरजेवाला ने आज यहां एक बयान में कहा कि देश में मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण और इन कालेजों को मान्यता देने की पूरी प्रक्रिया में हज़ारों करोड़ रुपए का घोटाला होने का खुलासा हुआ है। मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में हुए इस घोटाले के जरिए घूसखोरी से मेडिकल कॉलेज चलाने की अनुमति देने और इन काॅलेजों के माघ्यम से मुन्नाभाई डॉक्टर बनाने वाली प्रक्रिया का खुलासा हुआ है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) ने इस मामले में स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, विश्व विद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व अध्यक्ष, कई मेडिकल कॉलेज और इसमें शामिल 36 मोहरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस प्राथमिकी में सुरेश सिंह भदोरिया भी शामिल हैं। श्री भदौरिया भाजपा नेता तथा प्रधामंत्री के करीबी माने जाने वाले जीतू लाल मीणा, भाजपा नेता डॉ. सरोजनी अग्रवाल, फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष और भाजपा युवा मोर्चे के गुजरात के प्रभारी डॉ. मोंटू पटेल, केंदीय मंत्री नितिन गडकरी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जैसे नेताओं के हाथों सम्मानित हुए हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस घोटाले में भाजपा के कई बड़े नेता शामिल है लेकिन उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब डिप्लोमा कॉलेजों से हर साल आठ लाख और बी-फार्मा कॉलेजों से 15 लाख वसूले जाते रहे तो अनुमान लगाया जा सकता है कि एमबीबीएस कराने वाले कॉलेज से कितने वसूले गए होंगे।
उन्होंने सवाल किया कि क्या देश के पूरे स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा सेवा के भरोसे पर चोट पहुंचाने वाले इस ‘महा घोटाले’ की तह तक जाकर असली दोषियों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी या फिर लीपापोती करके लोगों की जिंदगी से ये खिलवाड़ चलता रहेगा।
