मुंबई, 02 जुलाई (वार्ता) स्थानीय शेयर बाजार में गिरावट और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के साथ साथ अमेरिका में जवाबी आयात शुल्क को लेकर अनिश्चिता के बीच बुधवार को विदेशी करेंसी बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डालर के मुकाबले 18 पैसे गिरावट के साथ बंद हुआ।
बाजार के डीलरों के अनुसार अमेरिका में ट्रम्प सरकार ने भारत समेत दुनिया के प्रमुख देशों के विरुद्ध ऊंची दरों से जवाबी आयात शुल्क लगाने की जो घोषणा की है उसकी समयसीमा नजदीक आ गयी है और बाजार में सतर्कता बढ़ गयी है।
ऐसे माहौल में रुपया 18 पैसे कमजोर पड़ कर 85.69 प्रति डॉलर की दर आ गया। मंगलवार को रुपया 25 पैसे की तेजी के साथ 85.51 प्रति डॉलर के स्तर पर था।
ट्रम प्रशासन ने तमाम देशों को ऊंचे आयात शुल्क से बचने के लिए अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के लिए 9 जुलाई तक का समय दिया। पिछले कुछ समय से रुपये की दर में तेज घट-बढ़ जारी है।
इस बीच आज वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 0.92 प्रतिशत की तेजी के साथ प्रति बैरल 67.73 डॉलर के स्तर पर चल रहा था। विश्लेषकों के अनुसार बुधवार को अधिकांश एशियाई मुद्राओं में गिरावट आई। जून में मुद्रा में करीब 0.21 प्रतिशत की गिरावट आई है और कैलेंडर वर्ष के पहले छह महीनों में इसमें 0.18 प्रतिशत की गिरावट आई है। डॉलर इंडेक्स में 96.50 के करीब मजबूती आने और कच्चे तेल को कुछ आधार समर्थन मिलने के कारण रुपये पर दबाव बढ़ गया था।
