नई दिल्ली, 11 मई (वार्ता) खुदरा कारोबारियों के संगठन कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज कहा कि भारत के सालाना 140 लाख करोड़ रुपये के खुदरा व्यापार को विदेशी पूंजी पोषित ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियों द्वारा कब्ज़ाने की साज़िश के विरोध में कैट 16 मई को नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है।
कैट के महामंत्री एवं सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने रविवार को बताया कि इस अहम कांफ्रेंस में देशभर से 100 से अधिक व्यापारिक नेता हिस्सा लेंगे, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी मुख्य वक्ता होंगी।
श्री खंडेलवाल ने बताया कि इस संगोष्ठी में व्यापारियों के साथ-साथ स्वदेशी उत्पादों के समर्थक, ट्रांसपोर्ट संगठनों, एमएसएमई, महिला उद्यमियों, किसानों, स्टार्टअप्स और उपभोक्ता संगठनों सहित व्यापार जगत के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस मंच से एक संयुक्त रणनीति बनाई जाएगी, जिसका उद्देश्य देशव्यापी जागरूकता अभियान शुरू कर इन कंपनियों के खिलाफ जनमत तैयार करना है।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. सी. भरतिया ने इस आयोजन को बेहद महत्वपूर्ण करार देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि विदेशी कंपनियों की अनैतिक गतिविधियों का व्यापारी वर्ग संगठित होकर विरोध करे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कंपनियों ने अब तक मोबाइल, एफएमसीजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, परिधान, किराना, होटल-रेस्तरां जैसे क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचाया है और अब अन्य सेक्टरों पर भी कब्ज़े की कोशिश में जुटी हैं।
श्री भरतिया ने स्पष्ट किया कि यह कांफ्रेंस एक निर्णायक पहल* होगी, जिसकी रणनीति के आधार पर पूरे देश में जागरूकता और विरोध अभियान शुरू किया जाएगा, जिससे देश के पारंपरिक खुदरा व्यापार को बचाया जा सके।
