पेरिस 02 जुलाई (वार्ता) फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को 2022 के बाद फोन पर अपनी पहली बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा की।
एलिसी पैलेस के अनुसार श्री मैक्रों ने ईरान के बारे में इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के स्थायी सदस्य के रूप में फ्रांस और रूस परमाणु हथियारों के अप्रसार पर संधि (एनपीटी) के तहत जिम्मेदारियों को साझा करते हैं।
उन्होंने ईरान द्वारा अपने दायित्वों का पालन करने और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ पूर्ण सहयोग करने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित किया ताकि निरीक्षक बिना देरी के अपना काम फिर से शुरू कर सकें। उन्होंने कहा फिर भी श्री मैक्रों ने ईरान की परमाणु और मिसाइल गतिविधियों के साथ-साथ क्षेत्र में इसकी भूमिका के स्थायी समाधान की दिशा में एक कूटनीतिक मार्ग के लिए फ्रांस की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। दोनों नेताओं ने प्रयासों का समन्वय करने और मामले पर आगे की चर्चा जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन द्वारा बातचीत पर जारी एक बयान में कहा गया कि राष्ट्रपतियों ने शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा विकसित करने के ईरान के वैध अधिकार का सम्मान करने और आईएईए के साथ सहयोग सहित एनपीटी के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को जारी रखने के महत्व पर जोर दिया।
एलिसी पैलेस ने यूक्रेन के बारे में कहा कि श्री मैक्रों ने यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए फ्रांस के अटूट समर्थन को दोहराया। उन्होंने संघर्ष विराम को शीघ्र लागू करने और यूक्रेन और रूस के बीच वार्ता की शुरुआत का आग्रह किया जिसका उद्देश्य संघर्ष का एक दृढ़ और स्थायी समाधान प्राप्त करना है।
क्रेमलिन के अनुसार श्री पुतिन ने यूक्रेन के आसपास की स्थिति के बारे में कहा कि यूक्रेनी संघर्ष “पश्चिमी नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है।” उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियां अब यूक्रेन को विभिन्न आधुनिक हथियारों की आपूर्ति करके ”शत्रुता को लम्बा खींच रही हैं।”

