
जबलपुर। मानसून की शुरुआत के बाद अब बारिश का सिलसिला भी जारी हो चुका है। पिछले दो-तीन दिनों से रुक- रुक कर हो रही बारिश के कारण खेतों में नमी दिखने लगी है। जिसके बाद से अब किसान द्वारा धान की फसल बोने के लिए रोपा लगाने की तैयारी कर रहे हैं। पहले हुई थोड़ी-थोड़ी बारिश के कारण खेत गीले हो गए थे, जिसके चलते किसानों ने जुताई कर दी थी। पिछले दो-तीन दिन से हुई अच्छी बारिश के चलते अब किसानों ने बीज भी बो दिया है। जिसके चलते कई खेतों में धान की बोनी हो चुकी है। वहीं रोपा भी लगभग उगने लगा है, आने वाले दिनों में अच्छी बारिश के बाद जब खेत भर आएंगे तो रोपा लगाने की शुरुआत भी किसानों द्वारा शुरू कर दी जाएगी।
अभी सिर्फ खेत भीगे
अप्रैल महीने से लेकर जून महीने तक इस तपती धूप में खेत पूरी तरह से सूख जाते हैं जिसके बाद अगर थोड़ी-थोड़ी बारिश होती भी है तो उतना पानी तो सिर्फ खेत में कुछ भी प्रभाव नहीं पड़ता है। दो-तीन दिनों से हुई बारिश के चलते अब वह खेतों में नमी आना शुरू हो चुकी है, जिसके चलते खेत गीले हो गए हैं। किसानों का कहना है कि बारिश के भरोसे ही खरीफ धान की फसलें नहीं बोई जा सकती हैं। जिसके लिए किसान पहले से ही ट्यूबवेल और बोरबेल के पानी से सिंचाई करना शुरू कर देते हैं। जिसके कारण खेत थोड़े-थोड़े गीले हो जाते हैं,वहीं इन गीले खेतों में फिर जुताई की जाती है,जिसके बाद नमी आने से खेतों में धान की बोनी की जाती है।
जुलाई महीने में होगी रोपा लगने की शुरुआत
धान की फसलों को किसानों द्वारा दो तरह से बोया जाता है। जिसमें पहले तो किसान रोपा लगाने के लिए खेत के कुछ हिस्से में बीज बो देते हैं, जोकि धीरे-धीरे बड़ा होता रहता है, जब यह पौधा बन जाता है तो इसको उखाड़ कर रोपे को खेतों में लगाया जाता है। इसके अलावा कई किसान धान की सीधे बोनी करते हैं, जिससे उनको रोपा लगाना नहीं पड़ता है और इस बोनी के द्वारा डाले गए बीज से ही धान की फसल उगने लगते हैं। हालांकि जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में बहुत से किसानों ने बोनी करना शुरू कर दी है और किसानों द्वारा रोपा भी लगाए गए हैं, जिनको खेतों में लगाने की शुरुआत जुलाई महीने में खेत भरने के बाद हो जाएगी।
