मुंबई, (वार्ता) महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को एक संशोधित सरकारी संकल्प (जीआर) जारी कर कहा कि पूरे राज्य में मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाया जाएगा।
मंगलवार को जारी संशोधित आदेश में एक प्रावधान शामिल किया गया था कि छात्रों को हिंदी के स्थान पर किसी अन्य भारतीय भाषा को चुनने की अनुमति दी गई है, बशर्ते स्कूल में एक ही कक्षा के कम से कम 20 छात्र ऐसा अनुरोध करें।
