
सीहोर. एक दिन पहले शनिवार को केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिला मुख्यालय पर आयोजित दिशा की बैठक के दौरान वन विभाग के अधिकारियों पर सरकार की छवि बिगाडऩे का बयान दिया था. उसके अगले ही दिन साप्ताहिक अवकाश होने के बावजूद वन मंडलाधिकारी मगनसिंह डाबर के स्थानांतरण के आदेश जारी हो गए. उन्हें उप वन सरंक्षक कार्यालय भोपाल भेजा गया है, जबकि सीहोर के नए डीएफओ का दायित्व श्रीमती अर्चना पटेल को सौंपा गया है.
गौरतलब है कि शनिवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित दिशा की बैठक में शामिल होने आए केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने जिले के सैकड़ों आदिवासी पहुंचे थे. उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों पर जंगलों से बेदखल कर अभ्यारण्य बनाने की शिकायत की थी. इसके अलावा जनप्रतिनिधियों द्वारा भी वन विभाग की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताई गई थी. उस वक्त केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने जहां सार्वजनिक मंच से वन विभाग के अधिकारियों को अपनी कार्यशैली सुधारने की नसीहत दी थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि वन विभाग के अधिकारी सरकार की छवि खराब करने का काम कर रहे हैं.
बताया जाता है कि केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने के अलावा आदिवासियों का एक समूह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मिलने पहुंचा था. मुख्यमंत्री से भी डीएफओ डाबर की शिकायत की थी. नतीजतन राज्य शासन द्वारा रविवार को डीएफओ मगनसिंह डाबर का स्थानांतरण कर दिया है.
शासन द्वारा जारी आदेश के तहत सीहोर वन मंडल अधिकारी मगनसिंह डाबर को उप वन संरक्षक कार्यालय भोपाल भेजा गया है, जबकि उनके स्थान पर उप वन संरक्षक मप्र राज्य लघु वनोपज संघ भोपाल से सीहोर वन मंडलाधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है.
