भोपाल, 29 जून (वार्ता) भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में “90 डिग्री” मोड़ वाले रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण में गंभीर लापरवाही के मामले में मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग के सात अभियंताओं (इंजीनियर्स) को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही एक सेवानिवृत अधीक्षण यंत्री (एसई) के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कल देर रात सोशल मीडिया एक्स के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, “ऐशबाग आरओबी के निर्माण में हुयी गंभीर लापरवाही में मैंने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर लोनिवि के आठ इंजीनियर्स के खिलाफ कार्रवाई की गयी है। दो सीई सहित सात इंजीनियर्स को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। एक सेवानिवृत एसई के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने लिखा है, “इस प्रोजेक्ट में आरओबी का त्रुटिपूर्ण डिजाइन प्रस्तुत करने पर निर्माण एजेंसी एवं डिजाइन कंसल्टेंट, दोनों को ब्लेक लिस्ट किया गया है। आरओबी में आवश्यक सुधार के लिए कमेटी बनायी गयी है। सुधार के बाद ही आरओबी का लोकार्पण किया जाएगा।”
शहर के घनी आबादी वाले ऐशबाग क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाले रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण का एक अनोखा मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। इस ब्रिज में एक स्थान पर 90 डिग्री का मोड़ दे दिया गया है। इस तरह के मोड़ के कारण इस ब्रिज पर हमेशा हादसे होने की आशंका बनी रहेगी। इस गंभीर लापरवाही से जुड़े मामले में ब्रिज के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
काफी किरकिरी होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ यादव ने स्वयं इस मामले की जांच के आदेश दिए। इस रिपोर्ट के आधार पर ये कार्रवाई की गयी। लोक निर्माण विभाग ने संबंधित इंजीनियरों को निलंबित करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। निलंबित अधिकारियों में मुख्य अभियंता जी पी वर्मा और संजय खांडे, कार्यपालन यंत्री जावेद शकील और शबाना रजक, सहायक यंत्री सोनल सक्सेना, उपयंत्री उमाशंकर मिश्रा और रवि शुक्ला शामिल हैं। इसके साथ ही सेवानिवृत अधीक्षण यंत्री एम पी सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
