बिना डिग्री इलाज करने वाले फर्जी डाक्टर को कोर्ट ने सुनाई दो साल की सजा

रतलाम। करीब ग्यारह वर्ष पहले तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. पुष्पेन्द्र शर्मा द्वारा पकडे गए एक फर्जी डाक्टर को न्यायालय ने दो वर्ष के कठोर कारावास और चार हजार रु. के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।

अभियोजन के अनुसार,17 नवंबर 2014 को तत्कालीन सीएमएचओ डा. पुष्पेन्द्र शर्मा,जिला स्वास्थ्य अधिकारी गणराज गौड व कुछ अन्य डाक्टरों की टीम जिले में सक्रिय फर्जी डाक्टरों के विरुद्ध अभियान चला रही थी। इस टीम ने 17 नवंबर 14 को दोपहर करीब साढे बारह बजे सातरुण्डा चौराहे पर चलाए जा रहे एक बिना नाम के निजी क्लिनीक पर छापा मारा। इस निजी क्लिनीक पर दो व्यक्तियों मुकेश व कृष्णा बाई को बोटलें चढाई जा रही थी।

निजी क्लिनीक के संचालक धीरज सिंह से जब उसकी शैक्षणिक योग्यता के बारे में पूछा गया तो पता चला कि उसने बीए द्वितीय वर्ष तक पढाई की है और उसके पास चिकित्सा व्यवसाय से सम्बन्धित कोई डिग्र्री नहीं थी। धीरज सिंह का नाम शासन के स्टेट मेडीकल रजिस्टर में भी चिकित्सा व्यवसाई के रुप में दर्ज नहीं था।

Next Post

भारत को अंतरिक्ष में बनाना है अपना स्टेशन: मोदी

Sat Jun 28 , 2025
नयी दिल्ली 28 जून (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि मिशन गगनयान को आगे बढाने के साथ ही भारत को अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाना है और यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर उतरे। श्री मोदी ने 41 साल के अंतराल के बाद […]

You May Like

मनोरंजन