
इंदौर. किराए की कार बुक कर उन्हें गायब करने और ग्रामीण इलाकों में गिरवी रखने वाले गिरोह का परदेशीपुरा पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. गिरोह का सरगना हनीफ पिता रशीद खान निवासी भिस्ती मोहल्ला, सदर बाजार को गिरफ्तार किया है. आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 10 अलग-अलग वाहन बरामद किए हैं. आरोपी जूम ऐप का इस्तेमाल कर फर्जी बुकिंग करता और कारें लेकर उन्हें व्यावरा राजगढ़ सहित अन्य इलाकों में बेच या गिरवी रख देता था.
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन2 अमरेन्द्र सिंह ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि इस मामले का खुलासा तब हुआ जब इंदौर में ही रहने वाले पवन सक्सेना ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसने अपनी मारुति बलेनो कार जिसका नम्बर एमपी 13 जेडजे 5838 को जूम ऐप पर रजिस्टर्ड कर किराए पर देने के लिए लिस्ट किया था. शुक्रवार 6 जून को एक बुकिंग मोहम्मद मुइनुद्दीन के नाम से आई, जो एक अन्य युवक के साथ कार लेने पहुंचा. कार 6 से 8 जून तक बुक थी, पर लगातार एक-एक दिन बढ़ाकर कार 15 जून तक ले जाई गई. जब निर्धारित समय पर कार वापस नहीं आई और जीपीएस भी डिएक्टिवेट मिला, तो पवन को शक हुआ. संपर्क करने पर आरोपी ने खुद को हनीफ बताते हुए कार लौटाने का झूठा आश्वासन दिया. पवन ने खुद मुइनुद्दीन के आधार कार्ड से पता निकालकर उसके घर पहुंचा, जहां उसे जानकारी मिली कि बुकिंग हनीफ ने मुइनुद्दीन की आईडी से करवाई थी और गाड़ी को गिरवी रख दिया है. धमकी भी दी गई कि शिकायत की तो कार टुकड़ों में बेच दी जाएगी. मामला गंभीर होने पर परदेशीपुरा पुलिस ने जांच शुरू की और पाया कि यह संगठित गिरोह है, जिसमें हनीफ के अलावा मोहिउद्दीन और शैलेन्द्र निवासी राजगढ़ शामिल हैं. ये लोग मिलकर जूम ऐप के जरिए कारें लेते और व्यावरा जैसे क्षेत्रों में इन्हें सेकंड ओनर बताकर बेच या गिरवी रख देते थे. पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राजगढ़ जिले के ग्रामीण इलाकों में दबिश दी और हनीफ की निशानदेही पर 10 वाहन बरामद कर लिए. इन गाड़ियों की बुकिंग इंदौर के विभिन्न नागरिकों द्वारा जूम ऐप पर की गई थी, जिन्हें यही गिरोह निशाना बना रहा था. परदेशीपुरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु की. पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह से जुड़ी और भी घटनाएं सामने आ सकती हैं.
