
जबलपुर। सेवानिवृत्ति के सिर्फ दस माह शेष बचे होने के बावजूद भी दूसरे जिले में स्थानांतरण किये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि प्रभारी प्राचार्य के अभ्यावेदन पर आयुक्त लोक शिक्षण विचार कर उचित निर्णय पारित करें। अभ्यावेदन के निराकरण तक याचिकाकर्ता दमोह जिले में ही पदस्थ रहेंगे।
दमोह निवासी कालीचरण गौतम की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि वर्तमान में शासकीय हाई स्कूल, बम्होरी, वाडिया, दमोह में प्राचार्य प्रभारी के पद पर कार्यरत हैं। उसका स्थानांतरण 10 जून 2025 को शासकीय हाई स्कूल, छपरा, जिला कटनी कर दिया गया। याचिकाकर्ता की सेवानिवृत्ति में केवल 10 माह शेष हैं एवं उनकी पत्नी भी दमोह जिले में कार्यरत हैं। ऐसे में सेवा के अंतिम चरण में किसी अन्य जिले में स्थानांतरण करना न केवल नीति के प्रतिकूल है, बल्कि इससे याचिकाकर्ता को गंभीर व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। एकलपीठ ने उक्त आदेश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता वंदना त्रिपाठी ने पक्ष रखा।
