विवाद:भर्ती परीक्षा में गलत उत्तरों का आरोप, HC ने मांगा स्पष्टीकरण

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने प्रदेश की विद्युत वितरण व ट्रांसमिशन कंपनियों में दो हजार से अधिक पदों पर होने वाली भर्तियों को अपने फैसले के अधीन कर दिया है। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने ऊर्जा विभाग के एडीशनल चीफ सेक्रेटरी, मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी व एमपी ऑनलाइन के सीईओ को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है। मामला दो प्रश्नों के गलत उत्तर को चुनौती से जुड़ा है।

सागर निवासी अर्पित साहू, सीहोर निवासी अजय कीर तथा हिमांशु साहू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं हितेंद्र कुमार गोह्लानी ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश पश्चिम विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड इंदौर ने समस्त विद्युत कंपनियों में कार्यालय सहायक के 818 पद, लाइन परिचारक के 1196 पद, कनिष्ट अभियंता के 237 पदों सहित सहायक विधि अधिकारियों, सहायक प्रबंधक, संयंत्र सहायको के दो हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति के लिए 21 मार्च 2025 को ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया था। परीक्षा एजेंसी द्वारा आंसर की जारी की गई। बताया गया कि प्रश्न क्रमांक 16 में पूछा गया था कि मध्य प्रदेश के किस लोक गायक को कई वर्षों तक मालवी बोली में मीराबाई और गोरखनाथ के भजनों के साथ कबीर भजनों को बढावा देने के लिए पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया इसके चार विकल्प भूरी बाई, ओमप्रकाश शर्मा, भेरू सिंह चौहान व कालूराम बामनिया दिया गया था। इसका सही उत्तर भेरू सिंह चौहान है, लेकिन परीक्षा एजेंसी ने कालूराम बामनिया सही माना है। इसी तरह प्रश्न क्रमांक 25 में पूछा गया था कि दिसंबर 2024 में मध्य प्रदेश किस केन्द्रीय मंत्री ने सरकार के 100- दिवसीय एजेंडे के भाग के रूप में छह नए कार्यक्रम शुरू किए। इसके विकल्पों में श्रीमती स्मृति ईरानी, किरेन रिजिजू, ज्योतिरादित्य सिंधिया व नरेंद्र सिंह तोमर दिए गए थे। एजेंसी ने किरेन रिजिजू को सही उत्तर माना जबकि इसका सही उत्तर ज्योतिरादित्य सिंधिया है। याचिकाकर्ताओं ने ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराई थी। जब त्रुटि सुधार नहीं की गई तो हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। सुनवाई पश्चात न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।

Next Post

श्री राम जानकी भगवान मंदिर में होने वाले भ्रष्टाचार की जांच की मांग उठी

Wed Jun 25 , 2025
  शिवपुरी। शिवपुरी जिले के ग्राम भटनावर तहसील पोहरी में श्री राम जानकी मंदिर से लगी हुई शासकीय भूमि 113 बीघा पर मंदिर के पुजारी का कब्जा हैं, मंदिर का पुजारी न ही मंदिर की ठीक से देखरेख करता हैं और मंदिर की जमीन को बटाई से करवाते हुए उसका […]

You May Like