ग्वालियर। “मैं सोनम रघुवंशी को नहीं जानता, आज तक उसे नहीं देखा’… ग्वालियर से पकड़ कर तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेजे गए लोकेंद्र तोमर ने पेशी के दौरान कोर्ट में यही कहा। हालांकि मेघालय पुलिस ने दावा किया कि लोकेंद्र तोमर की इंदौर स्थित बिल्डिंग में सोनम और राज कुशवाह रुके थे। इनका कांड उजागर होने के बाद लोकेंद्र को अपनी प्रॉपर्टी सीज होने का डर सता रहा था। यही कारण है कि उसने फ्लैट खोला और सबूत मिटाने की कोशिश की। इसके बाद इंदौर से फरार हो गया था लोकेंद्र तोमर। पुलिस ने उसे ग्वालियर से पकड़ा था और अब शिलांग पुलिस को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सौंपा गया है। लोकेंद्र तोमर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुझे नहीं पता कि सोनम मेरे इंदौर वाले फ्लैट में रुकी थी।
लोकेंद्र के मुताबिक, मैंने तो किसी और को किराए पर दिया था। मैंने आज तक सोनम को नहीं देखा है और मेरे ऊपर लगाए जा रहे सभी आरोप झूठे हैं। उसने यह भी कहा कि मैंने सोनम या राज कुशवाह की कोई मदद नहीं की है और मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। मुझे मीडिया के जरिए ही पता चला था कि सोनम मेरे फ्लैट में रुकी थी। जल्द इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। इसके उलट यह माना जा रहा है कि सोनम के कारनामे उजागर होने लगे तो फ्लैट मालिक लोकेंद्र ने चालाकी दिखाने की कोशिश की, लेकिन धरा गया।
