
सीधी। खाद के किल्लत को लेकर अमिलिया में भारी विरोध की आग भडक़ उठी। नाराज किसान सडक़ पर उतरे और हंगामा करते रहे। अमिलिया बाजार में किसानों को हंगामा रूकवाने पुलिस को घंटो कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
खरीफ सीजन में धान की बोनी का काम पूरा होने के बाद अब हर तरफ यूरिया खाद की मांग तेजी से बढ़ चुकी है। हालात यह है कि जितनी मात्रा में यूरिया खाद की आपूर्ति सीधी जिले में हो रही है उससे हजार गुना ज्यादा किसानों की मांग बनी हुई है। लिहाजा जहां भी गोदामों में खाद का वितरण हो रहा है वहां किसानों की उमड़ रही भीड़ का आक्रोश भी फूट रहा है। ऐसी ही स्थिति आज सिहावल तहसील के अमिलिया बाजार में देखने को मिली। यहां कई दिनों से खाद लेने के लिए मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित अमिलिया के गोदाम के बाहर किसानों की भीड़ सुबह से उमड़ रही है। लम्बी-लम्बी कतारों में पुरुषों के साथ महिलाएं भी लग रही हैं।
स्थिति यह है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोदाम की ओर से किसानों को टोकन बांटे गए हैं। उन्हें कहा गया है कि अपनी बारी आने पर खाद लेने के लिए गोदाम आएं। फिर भी किसान रोजाना टोकन लेकर इस आस में आ रहे हैं कि संभवत: आज उनका नंबर लग जाए। घंटो मशक्कत के बाद भी नंबर न लगने पर किसान अगले दिन फिर से आते हैं। आज सुबह किसानों का आक्रोश फूट पड़ा और अमिलिया बाजार की मुख्य सडक़ पर उतरकर हंगामा शुरू कर दिया। गनीमत यह रही कि नजदीक में ही थाना होने के कारण पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंच गया। टीआई को स्वयं कड़ी मशक्कत के पश्चात भीड़ को मुख्य सडक़ से हटाने में कामयाबी मिली।
अमिलिया गोदाम के बाहर सैकड़ों की संख्या में जमा किसानों का कहना था कि यूरिया खाद की भारी किल्लत बनी हुई है। दूर-दूर से किसान यहां अपना समूचा काम छोडक़र आ रहे हैं। लेकिन यूरिया खाद नहीं दी जा रही है। काफी मशक्कत के बाद भी किसानों का नंबर आने पर केवल एक बोरी यूरिया ही दी जाती है। ऐसे में किसान अपनी फसलों को समय पर खाद कैसे दे पाएंगे। बाजार में जहां पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध है लेकिन वहां कीमत ज्यादा होने के कारण किसान सरकारी गोदाम में ही खाद लेने के लिए भटक रहे हैं। किसानों का कहना था कि खाद की भारी किल्लत को लेकर न तो कोई जन प्रतिनिधि मदद के लिए आगे आ रहा है और न ही सिहावल खण्ड के कोई अधिकारी किसानों की समस्या को दूर कराने के लिए पहल करने की जरूरत समझ रहे हैं। ऐसे में किसान खाद पाने के लिए एक पखवाड़े के ज्यादा समय से लंबी लाइन में लगने के बाद भी खाली हांथ घर लौट रहे हैं।
इनका कहना है
मैं 5 तारीख से खाद लेने के लिए अमिलिया गोदाम आ रहा हूं। प्रतिदिन लाइन पर लगता हूं। अभी तक खाद नहीं मिली है। मुझे टोकन नंबर 446 दिया गया है। कब खाद मिलेगी निश्चित नहीं है।
बृहस्पति गुप्ता, किसान
मैं कई दिनों से खाद लेने के लिए अमिलिया गोदाम आ रहा हूं। टोकन क्रमांक 382 दिया गया है। प्रतिदिन यह कहा जाता है आज खाद खत्म हो गई है। अगले दिन आएगी। यदि खाद आती भी है तो मिलती नहीं है।
रामलखन शुक्ला, कोरौली
कई दिनों से खाद लेने के लिए गोदाम आ रहा हूं। गोदाम में लंबी लाइन में खड़ा होता हूं, फिर भी नहीं मिल रही है। मेरा टोकन क्रमांक 1038 है। यहां दुकान के बाहर न छांव की व्यवस्था है न पानी की।
विनोद पटेल, बल्हया
गोदाम में जितनी मात्रा में यूरिया-खाद की आपूर्ति हो रही है लगातार वितरण किया जा रहा है। यूरिया की जितनी सप्लाई है उससे कई गुना ज्यादा किसान पहुंच रहे हैं। इस वजह से टोकन का वितरण किया गया है। टोकन नंबर के आधार पर किसानों को खाद का वितरण प्रति दिन किया जा रहा है।
सुचिता पाण्डेय, गोदाम प्रभारी एवं कृषि विस्तार अधिकारी अमिलिया
