वाशिंगटन 24 जून (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान-इजरायल के बीच युद्धविराम की घोषणा के पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ये बताने के लिए फोन किया था कि ईरान के साथ टकराव रोकना जरूरी हैं क्योंकि वह बहुत कमजोर हो गया है। ये दावा एक निजि न्यूज चैनल ने किया है।
एनबीसी न्यूज ने मंगलवार को व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम लिये बगैर बताया कि जब श्री ट्रम्प इजरायली प्रधानमंत्री से बात कर रहे थे तभी उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने मध्यस्थों के माध्यम से ईरानी पक्ष को संदेश भेजे। एक राजनयिक स्रोत ने एनबीसी न्यूज को बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। श्री ट्रम्प ने सोमवार रात को कहा कि ईरान और इजरायल 24 घंटे के युद्ध विराम पर पहुँच गए हैं जो ”12-दिवसीय युद्ध का आधिकारिक अंत है।”
अमरीकी राष्ट्रपति ने मंगलवार को कहा कि ईरान और इजरायल के बीच युद्ध विराम अब प्रभावी हो गया है और उन्होंने दोनों पक्षों से इसका उल्लंघन न करने का आग्रह किया। श्री ट्रम्प ने कथित तौर पर श्री नेतन्याहू से कहा ”अब कोई युद्ध नहीं, कोई लड़ाई नहीं। ईरानियों को काफी कमजोर कर दिया गया है।”
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग्ची ने बाद में कहा कि युद्ध विराम या सैन्य अभियानों को समाप्त करने पर इजरायल के साथ वर्तमान में कोई समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि इजरायल 24 जून को तेहरान समय सुबह चार बजे तक अपने हमले बंद कर देता है तो वह भी ऐसा ही करेगा।
इज़रायल ने ईरान पर गुप्त सैन्य परमाणु कार्यक्रम लागू करने आरोप लगाते हुए 13 जून को उसके खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया जिससे पश्चिम एशिया में स्थिति तनावपूर्ण हो गयी थी। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-3 शुरू किया, जिसमें इज़रायल के सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया।
गौरतलब है कि अमेरिका ने 22 जून को ईरान के खिलाफ इजरायल के अभियान में शामिल होकर उसके तीन परमाणु स्थल नतांज, फोर्डो और इस्फ़हान पर हमला कर ध्वस्त कर दिया था। श्री ट्रम्प ने हमले के बाद कहा था, ”ईरान को अब इस युद्ध को समाप्त करने के लिए सहमत होना चाहिए अन्यथा इससे अधिक गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।”

