इंदौर: पंचायत क्षेत्र का विकास किए बगैर हम समग्र भारत के विकास की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. शहरी क्षेत्र में हमारे देश में जो साधन और सुविधाएं उपलब्ध है वह सभी हमें ग्रामीण क्षेत्र में भी उपलब्ध कराना होगी.यह बात केरल के पुलिस महानिदेशक संजीव पतजोशी ने कही. वे जाल सभागृह में अभ्यास मंडल की 64वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यान माला को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने भारत के दुरगामी विकास में पंचायत की भूमिका विषय पर संबोधित किया. उन्होंने कहा कि बचपन में हम गांव में रहते थे और वहां पर खेत भी जाते थे. पशु भी चराते थे और किस तरह से गाय का दूध आता है वह सारी स्थिति भी देखते थे. शाम के समय पर गांव में लाइट नहीं होती थी तो ऐसे में जल्दी घर में खाना बन जाता था और जल्दी ही खाना खाकर हमें सोना भी पड़ता था.
इस स्थिति से आज की पीढ़ी वाकिफ नहीं है. हमारे देश में पंचायत का महत्व पुराने समय से ही बहुत ज्यादा रहा है. हरियाणा की खाप पंचायत हो या फिर बिहार की कुछ पंचायतें हो, उनके नाम सभी सुनते रहते हैं. आज स्थिति यह हो रही है कि गांव के लोग शहर की तरफ आ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि हमें कठिन समस्या को पहले हल करना चाहिए लेकिन होता यह है कि हम आसान समस्या को पहले हल करने लग जाते हैं और कठिन समस्या को लंबित रख देते हैं. पंचायत को सरकार की ओर से इतना पैसा नहीं मिलता है कि वह अपने गांव में पक्की और अच्छी सड़क भी बना सके.
