
शिवपुरी। जिले में सोमवार को हुई तेज बारिश ने कोलारस, पोहरी, बदरवास और शिवपुरी शहर सहित कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। कोलारस अनुविभाग के लुकवासा, रिजौदा और देहरदा गणेश गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए। सबसे गंभीर स्थिति देहरदा गणेश गांव के ज्ञानस्थली स्कूल में बनी, जहां बाढ़ जैसे हालात में स्कूल संचालक और शिक्षकों समेत 10 लोग फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और एसडीईआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी को सुरक्षित निकाला.
जानकारी मिलते ही कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी भी मौके पर पहुंचे। जैसे ही वे गांव में पहुंचे, महिलाओं ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और बारिश से हुए नुकसान को दिखाने की जिद करने लगीं। ग्रामीणों ने बताया कि तेज बारिश से घरों में पानी भर गया है, अनाज और घरेलू सामान पूरी तरह खराब हो गया है, रास्तों पर कीचड़ जमा है और आवाजाही मुश्किल हो गई है। इस पर कलेक्टर ने गांव का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराने और उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। तेज बहाव में क्विंटलों गेहूं, मक्का, धनिया, सोयाबीन और डीएपी खाद बह गए या खराब हो गए। ग्रामीणों के मुताबिक, वर्षों बाद ऐसी तबाही देखने को मिली है।
रविवार शाम से शुरू होकर सोमवार शाम तक जारी बारिश ने कोलारस और बदरवास क्षेत्र के कई गांवों में हालात बिगाड़ दिए। बदरवास के स्वास्थ्य केंद्र में जलभराव से मरीजों को परेशानी हुई। भड़ौता गांव के रेशम माता मंदिर में पानी भर गया। गोरा टीला में नल योजना का टैंकर बह गया। छापी गांव में सड़क बह गई और सेन समाज के एक ग्रामीण का कच्चा मकान ढह गया। रन्नौद के अकाझिरी गांव के स्वास्थ्य केंद्र में पानी भर गया। सोनपुरा गांव की पुलिया बहने से मुख्य मार्ग पूरी तरह कट गया। पूरणखेड़ी टोल प्लाजा पर पानी भरने से घंटों तक जाम लगा रहा।
*शिवपुरी शहर में भी जलभराव, मकान पर गिरी बिजली*
लगातार बारिश से मेडिकल कॉलेज के पास थीम रोड तालाब बन गई। मनियर, लाल माटी, गणेश कॉलोनी और नीलगर चौराहा जैसे इलाकों में जलभराव हो गया। वहीं, फतेहपुर क्षेत्र में महाकाल होटल के पास एक मकान पर आकाशीय बिजली गिरी। घटना के समय बंटी रावत और लल्लू रावत का परिवार घर में मौजूद था। बिजली गिरने से मकान की खिड़कियों में दरारें आ गईं।
