
इंदौर. नवलखा बस स्टैंड को पिछले कई वर्षों से विकास को दूर ही रखा गया है. कारण यह बस स्टैंड अस्थाई है लेकिन यहां अलग बात है कि अस्थाई होने के बावजूद स्थान से बसें सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं. करीब तीस वर्ष पहले यात्रियों की सुविधा के लिए नवलखा पर बस स्टैंड बनाया गया. यहां से जुड़ी सभी सुविधाएं भी थी. फिर इसे अस्थाई बताया गया और विकास के सारे रास्ते बद कर दिए गए. बरसात के चलते बस स्टैंड पर बड़े-बड़े गड्ढे है, जिनमें पानी भरा हुआ है. हर तरफ कीचड़ है. बैठने तो दूर चलना भी आसान नहीं है. इस कारण यात्री भी नहीं आ रहे हैं. ऐसे में बसें खली जाती दिखाई देती है जो व्यापारियों के लिए बड़े नुकसान की बात है. जन सुविधाओं की बात की जाए तो वह कोसो दूर है.
इनका कहना है
आप खुद देखिए खाली बस जा रही है. कीचड़ गढ्ढों के कारण कोई अंदर नहीं आना चाहता. कम से कम यात्रियों के लिए सड़क ही बना देती चाहिए. हम बस संचालकों को ही मलबा डलवाना पड़ता है.
राकेश जाट, बस ऑपरेटर
यहां महिलाएं, बच्चे भी आते हैं जो परेशानी उठाते हैं. पानी की व्यवस्था हो. सुलभ कॉम्प्लेक्स दूर है. वहां भी गंदगी है. सुलभ सुविधा यहां हो, प्रतीक्षालय हो. वर्तमान में सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है.
कमल पारगे
लोगों की सुविधा के लिए हम प्रयास कर रहे है कि स्टैंड इसी स्थान पर रहे. यात्रियों की सुविधा के लिए हमने पार्षद, विधायक, मंत्री, सांसद तक मिल कर ज्ञापन दिए. हम आगे भी प्रयास करते रहेंगे.
बृजमोहन राठी, अध्यक्ष बस ऑपरेटर एसोसिएशन
