मंडला:नैनपुर की थांवर और चकोर नदियों पर बन रहे रेलवे और सड़क पुलों के निर्माण में गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। पुलों के पिलरों की खुदाई से निकलने वाला मलबा और नुकीले पत्थर ठेकेदारों द्वारा नदी के बीचों-बीच ही छोड़ दिए जा रहे हैं, जिसके कारण नदियों में अस्थायी टापू बन गए हैं। इसके अलावा, निर्माण सामग्री ले जाने के लिए बनाए गए रास्ते भी ठेकेदार बाढ़ आने से पहले नहीं हटा रहे हैं, जिससे नदियों का प्राकृतिक प्रवाह अवरुद्ध हो रहा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि पिलर के गड्ढे करते समय निकलने वाले नुकीलेदार पत्थर भी नदी के बीच में ही जमा हो रहे हैं। ये पत्थर मूक पशुओं और मछुआरों के लिए खतरा बन रहे हैं, जिससे उनके पैरों में घाव होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या पर न तो प्रशासन ध्यान दे रहा है, न ही कोई जनप्रतिनिधि और न ही संबंधित ठेकेदार। पुलों का निर्माण पूरा होने के बाद वे केवल उद्घाटन कर चलते बन रहे हैं, और नदी में जमा मलबे की सुध कोई नहीं ले रहा है।
