नयी दिल्ली 20 जून (वार्ता) सरकार ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया भर के 100 से अधिक देशों से भारत नियमित रूप से विदेशी खातों और संपत्तियों के बारे में जानकारी प्राप्त करता है और उसी के आधार पर आंकलन वर्ष 2024-25 के लिए कुल 24,678 करदाताओं ने अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर) की समीक्षा की और 5,483 करदाताओं ने अपना विलम्बित रिटर्न दाखिल किया, जिसमें 29,208 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति और 1,089.88 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय को विदेशी आय के रूप में रिपोर्ट किया गया।
स्विट्जरलैंड में भारतीय संस्थाओं के बैंक खातों में जमा धन में वृद्धि होने को लेकर मीडिया में खबरें आने के बाद केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने यहां जारी बयान में कहा कि अपतटीय कर चोरी की समस्या से निपटने के लिए, कर क्षेत्राधिकार आपस में सहयोग करते हैं और अपने कर क्षेत्राधिकार में अन्य देशों के नागरिकों द्वारा रखी गई वित्तीय संपत्तियों के बारे में प्रासंगिक जानकारी साझा करते हैं। ऐसे तंत्रों के एक भाग के रूप में, भारत नियमित रूप से 100 से अधिक कर क्षेत्राधिकारों से ऐसे विदेशी खातों और संपत्तियों के बारे में जानकारी प्राप्त करता है। भारत को सूचनाओं के आदान-प्रदान के विभिन्न तंत्रों के माध्यम से स्विट्जरलैंड में रखी जा रही विदेशी संपत्तियों और आय के बारे में भी जानकारी मिलती है।
उसने कहा कि स्विट्जरलैंड 2018 से स्वचालित सूचना विनिमय ढांचे के तहत भारतीय निवासियों के बारे में वार्षिक वित्तीय जानकारी प्रदान कर रहा है। भारतीय अधिकारियों को पहला डेटा ट्रांसमिशन सितंबर 2019 में हुआ था, और तब से यह आदान-प्रदान नियमित रूप से जारी है, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं में शामिल होने के संदिग्ध खातों को भी शामिल किया गया है।
सीबीडीटी नियमित रूप से प्राप्त आंकड़ों की व्यवस्थित समीक्षा करता है और करदाताओं की पहचान करता है, जिनके मामलों में आगे सत्यापन की आवश्यकता होती है। इस तरह का सत्यापन विभिन्न तरीकों से किया जाता है, जिसमें खोज और सर्वेक्षण कार्रवाई, खुली पूछताछ आदि शामिल हैं। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सीबीडीटी ने सत्यापन के उद्देश्य से विदेशों से मिली जानकारी के तहत साझा किए गए डेटा की तुलना करदाताओं द्वारा दाखिल रिर्टन में दाखिल विदेशी संपत्तियों और आय के बारे में जानकारी से की। विश्लेषण में स्विट्जरलैंड सहित सभी अधिकार क्षेत्र शामिल थे। इसके अतिरिक्त, विभिन्न करदाताओं को उनके आईटीआर की समीक्षा करने के अनुरोध के साथ संदेश और ईमेल भेजे गए, जहाँ विदेशी संपत्तियों और आय को आईटीआर की उपयुक्त अनुसूचियों में रिपोर्ट नहीं किया गया था।
इसके परिणामस्वरूप, कुल 24,678 करदाताओं ने अपने आईटीआर की समीक्षा की और 5,483 करदाताओं ने आंकलन वर्ष 2024-25 के लिए अपना विलम्बित रिटर्न दाखिल किया, जिसमें 29,208 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति और 1,089.88 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय को विदेशी आय के रूप में रिपोर्ट किया गया। गैर-उत्तरदायी करदाताओं के लिए कानून के मौजूदा प्रावधान के तहत उपयुक्त कार्रवाई विचाराधीन है।
इस पहल के परिणामस्वरूप आंकलन वर्ष 2024-25 के लिए आईटीआर में विदेशी संपत्ति और आय की रिपोर्ट करने वाले करदाताओं की संख्या में पर्याप्त वृद्धि हुई है। कुल 2.31 लाख करदाताओं ने अपनी विदेशी संपत्ति और आय की रिपोर्ट की है, जो पिछले आंकलन वर्ष में 1.59 लाख करदाताओं की तुलना में 45.17 प्रतिशत अधिक है।
