
जबलपुर। सुरक्षा संस्थान व्हीकल फैक्ट्री जो अब आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड है, में कई दिनों से जॉइनिंग को लेकर चल रहे सीजीएम पद का विवाद इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें एक पक्ष ने न्यायालय की शरण ली है जिसके चलते उच्च न्यायालय का आदेश आया है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, जबलपुर का 9 जून 2025 का आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने संजीव कुमार भोला को 15 दिन में नई दिल्ली जाकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए। साथ ही, कोर्ट ने संजीव कुमार भोला के प्रतिवेदन पर विचार करने के लिए कैट को निर्देशित किया है। हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाने के लिए दुर्भावना का कोई प्रमाण नहीं प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि स्थानांतरण आदेश में हस्तक्षेप की न्यायिक सीमा सीमित होती है। जब तक यह साबित न हो कि आदेश अधिकार क्षेत्र से बाहर या दुर्भावना से प्रेरित है, तब तक इसमें दखल नहीं दिया जा सकता।
बचे हैं सिर्फ आठ महीने
संजीव कुमार भोला के वकील ने तर्क दिया कि उनके रिटायर होने में केवल आठ महीने बाकी हैं। जबलपुर की पोस्ट उनकी विशेषज्ञता के अनुकूल थी, जबकि नई दिल्ली की पोस्ट में विपणन कार्य करना होता। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों, जबलपुर में बन रहे अपने मकान और पारिवारिक स्थिरता को तबादले के खिलाफ कारण बताया। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि उनके प्रस्तुत मेडिकल दस्तावेज़ हृदय रोग से संबंधित नहीं थे, और कैट ने उस आधार पर निर्णय नहीं लिया था। वहीं केन्द्र सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि नई दिल्ली की पोस्ट अभी भी खाली है। जबलपुर में कार्यभार ग्रहण कर चुके प्रवीण कुमार भी कार्य नहीं कर पा रहे, जिससे संस्थान का संचालन प्रभावित हो रहा है। कोर्ट ने माना कि इस स्थिति ने एक डोमिनो इफेक्ट पैदा किया है, जो फैक्ट्री की कार्यक्षमता के लिए हानिकारक है।
