मुरैना। कूनो नेशनल पार्क की बाउंड्री लांघकर चम्बल के बीहड़ में घुसी मादा चीता माधवी ने ताबड़तोड़ शिकार किए. मुरैना क्षेत्र में एक साथ 5 बकरियों को अपना निवाला बनाने के बाद चीता माधवी अपने कुनबे के साथ कूनो वापस लौट गई है. चीता माधवी के कुनबे ने यहां कई दिनों तक आतंक मचाया. चीतों के कूनो पार्क में वापस लौटने से ग्रामीण भयमुक्त हो गए है. वहीं, फॉरेस्ट विभाग द्वारा पीड़ित किसानों को बकरियों का मुआवजा देने की कार्रवाई की जा रही है.
मादा चीता माधवी अपने 4 शावकों के साथ कूनो नेशनल पार्क की सीमा लांघकर चम्बल के बीहड़ में घुस गई थी. वह सबलगढ़ के जंगल से होते हुए पगारा डैम के आसपास दिखाई दी. ग्रामीणों ने मादा चीता को कुनबे के साथ आराम से सड़क पर विचरण करते देखा तो दहशत में आ गए. इसके बाद मादा चीता और उसके कुनबे की लोकेशन पगारा कोठी, नरहेगा और खोह का पुरा के आसपास देखी गई. कूनो राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 50 किलोमीटर दूर खुले में चीतों के झुंड को देखकर ग्रामीण घबराए हुए थे. वहीं वन विभाग ने लोगों से अलर्ट रहने के अपील की थी.
